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*नेटवर्क होने के बावजूद ऑफलाइन राशन वितरण से ग्रामीण नाराज, कोटेदार पर मनमानी का आरोप* चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय 8382048247 सोनभद्र। चोपन विकास खंड के कोटा गांव में संचालित कोटेदार मेराज अहमद की ऑफलाइन राशन दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पर्याप्त नेटवर्क सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद दुकान को जानबूझकर ऑनलाइन नहीं किया जा रहा, जिससे राशन वितरण व्यवस्था में लगातार अनियमितताएं और मनमानी बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय स्तर पर कई बार दुकान को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कथित अधिकारियों और कोटेदार की मिलीभगत के चलते मामला आज तक अधर में लटका हुआ है। इससे पात्र लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि गुरमुरा सामुदायिक भवन को पहले ऑनलाइन राशन वितरण केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया था, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि बाद में इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और योजना फाइलों तक ही सीमित रह गई। गौरही निवासी इंद्रजीत ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब दो माह पूर्व उनके राशन कार्ड पर कोटेदार द्वारा “निरस्त” लिख दिया गया और उन्हें राशन देने से मना कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए दुकान को तत्काल ऑनलाइन कराने, पात्र कार्डधारकों को नियमित राशन उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

*नेटवर्क होने के बावजूद ऑफलाइन राशन वितरण से ग्रामीण नाराज, कोटेदार पर मनमानी का आरोप* चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय 8382048247 सोनभद्र। चोपन विकास खंड के कोटा गांव में संचालित कोटेदार मेराज अहमद की ऑफलाइन राशन दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पर्याप्त नेटवर्क सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद दुकान को जानबूझकर ऑनलाइन नहीं किया जा रहा, जिससे राशन वितरण व्यवस्था में लगातार अनियमितताएं और मनमानी बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय स्तर पर कई बार दुकान को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कथित अधिकारियों और कोटेदार की मिलीभगत के चलते मामला आज तक अधर में लटका हुआ है। इससे पात्र लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि गुरमुरा सामुदायिक भवन को पहले ऑनलाइन राशन वितरण केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया था, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि बाद में इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और योजना फाइलों तक ही सीमित रह गई। गौरही निवासी इंद्रजीत ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब दो माह पूर्व उनके राशन कार्ड पर कोटेदार द्वारा “निरस्त” लिख दिया गया और उन्हें राशन देने से मना कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए दुकान को तत्काल ऑनलाइन कराने, पात्र कार्डधारकों को नियमित राशन उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

 

सोनभद्र। चोपन विकास खंड के कोटा गांव में संचालित कोटेदार मेराज अहमद की ऑफलाइन राशन दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पर्याप्त नेटवर्क सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद दुकान को जानबूझकर ऑनलाइन नहीं किया जा रहा, जिससे राशन वितरण व्यवस्था में लगातार अनियमितताएं और मनमानी बढ़ती जा रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय स्तर पर कई बार दुकान को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कथित अधिकारियों और कोटेदार की मिलीभगत के चलते मामला आज तक अधर में लटका हुआ है। इससे पात्र लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन नहीं मिल पा रहा है।

बताया जा रहा है कि गुरमुरा सामुदायिक भवन को पहले ऑनलाइन राशन वितरण केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया था, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि बाद में इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और योजना फाइलों तक ही सीमित रह गई।

गौरही निवासी इंद्रजीत ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब दो माह पूर्व उनके राशन कार्ड पर कोटेदार द्वारा “निरस्त” लिख दिया गया और उन्हें राशन देने से मना कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए दुकान को तत्काल ऑनलाइन कराने, पात्र कार्डधारकों को नियमित राशन उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


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