
सोनभद्र। विद्युत वितरण खण्ड राबर्ट्सगंज में प्रवर्तन दल की चेकिंग और उसके बाद लगाए गए भारी-भरकम जुर्माने की वैधता अब सवालों के घेरे में आ गई है।
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
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विभाग की अपनी ही निस्तारण आख्या में चेकिंग टीम की कार्यवाही में गंभीर विसंगतियों के संकेत मिलने के बाद अधिशासी अभियंता को मामले की पुनः जांच के निर्देश देने पड़े हैं।
मामला राबर्ट्सगंज नगर के अखाड़ा मोहल्ला निवासी नासीरुद्दीन से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर 2025 को विभागीय प्रवर्तन दल ने उनके परिसर पर छापेमारी की थी। टीम ने आरोप लगाया कि उपभोक्ता स्वीकृत लोड से अलग अनियमित तरीके से बिजली का उपयोग कर रहा है। इसी आधार पर विद्युत अधिनियम की धारा 126 के तहत 91 हजार 958 रुपये का राजस्व निर्धारण नोटिस जारी कर दिया गया।
उपभोक्ता का आरोप है कि वह अपने वैध विद्युत कनेक्शन संख्या 0311671000 से ही बिजली का उपभोग कर रहा था, लेकिन चेकिंग टीम ने गलत तरीके से उसे बिजली चोरी की श्रेणी में डाल दिया। मामले में शिकायत के बाद अधिशासी अभियंता ओ.पी. गुप्ता ने स्वयं माना कि चेकिंग टीम द्वारा त्रुटिवश अनियमितता की श्रेणी में आरोपित कर राजस्व निर्धारण किया गया है।
अधिशासी अभियंता ने मामले की पुनः जांच के आदेश देते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि विभाग के कुछ बाबू और कर्मचारी मिलीभगत कर मनमाने तरीके से कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है।
अब इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू होने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।