
मिर्जापुर: जमा पर ली गई खेती की जमीन को दूसरे के पास गिरवी रखकर की धोखाधड़ी, पीड़ित भू-स्वामियों ने एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर जनपद के लालगंज तहसील क्षेत्र में कृषि भूमि से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीणों और किसानों के बीच चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि एक किसान ने वर्षों से जमा (बंधक) पर ली गई खेती की जमीन को बिना भू-स्वामियों की जानकारी और सहमति के दूसरे व्यक्ति के हाथों गिरवी रख दिया। इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई, जब इस वर्ष भू-स्वामियों को तय समय पर जमा की राशि नहीं मिली और उन्होंने स्वयं मामले की पड़ताल शुरू की।
जानकारी के अनुसार, लालगंज तहसील के हलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत मगरबीला गांव स्थित कृषि योग्य भूमि के स्वामी सुरेश चंद्र त्रिपाठी, सरशचंद्र त्रिपाठी एवं देवेंद्र त्रिपाठी हैं, जो विंध्याचल थाना क्षेत्र के नीबी गहरवार गांव के निवासी हैं। बताया गया कि उनकी कृषि भूमि को कई वर्षों से मथुरा मौर्य जमा पर लेकर खेती कर रहे थे। हर वर्ष गर्मी के मौसम में वह नियमानुसार भू-स्वामियों को तय जमा राशि का भुगतान करते थे, जिससे दोनों पक्षों के बीच वर्षों से विश्वास का संबंध बना हुआ था।
पीड़ितों का आरोप है कि इस वर्ष न तो जमा की राशि का भुगतान किया गया और न ही कोई संतोषजनक जानकारी दी गई। संदेह होने पर जब भू-स्वामियों ने अपने स्तर से जानकारी जुटाई, तब उन्हें पता चला कि मथुरा मौर्य ने उक्त भूमि को कथित रूप से किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रख दिया है। यह जानकारी सामने आने के बाद भू-स्वामियों के होश उड़ गए और उन्होंने इसे अपने साथ गंभीर धोखाधड़ी एवं विश्वासघात बताया।
इस मामले को लेकर पीड़ित भू-स्वामियों ने शनिवार को एक बार फिर लालगंज के उप जिलाधिकारी अजीत कुमार से मिलकर लिखित शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत में उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा उनकी भूमि पर अवैध हस्तक्षेप रोकने की मांग की।
उप जिलाधिकारी अजीत कुमार ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्षेत्र में इस घटना की चर्चा तेज है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा जमा पर ली गई भूमि को बिना स्वामी की अनुमति किसी अन्य के पास गिरवी रखा गया है, तो यह न केवल विश्वास का उल्लंघन है बल्कि गंभीर कानूनी मामला भी है। पीड़ित भू-स्वामियों ने प्रशासन से न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।