
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद डाला की मलिन बस्ती पहुंचे डीएम और एसपी, भूमि विवाद को लेकर किया स्थलीय निरीक्षण, सुनीं लोगों की समस्याएं
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में डाला क्षेत्र की मलिन बस्ती में चल रहे भूमि विवाद के संबंध में जिलाधिकारी चर्चित गौंड एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बस्ती में पहुंचकर मौके की स्थिति का जायजा लिया तथा स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और पक्ष को गंभीरता से सुना।
यह निरीक्षण इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा गाटा संख्या 113 एवं 179 पर स्थित मलिन बस्ती को खाली कराने से संबंधित प्रकरण के संदर्भ में किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों से भूमि की स्थिति, अभिलेखों तथा न्यायालय के आदेश के अनुपालन की तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता धीरेन्द्र प्रताप सिंह, सभासद अवनीश पांडेय सहित बस्ती के निवासी मदन अग्रहरी, नागेन्द्र पासवान, उमेश मौर्या, अवधेश चौहान एवं अन्य लोगों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि डाला की यह मलिन बस्ती उत्तर प्रदेश सीमेंट निगम की फैक्ट्री स्थापित होने और उसके संचालन से भी पहले से आबाद है तथा यहां लोग पिछले पचास वर्षों से अधिक समय से निवास कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को बताया कि बस्ती में वर्तमान समय में लगभग 500 परिवारों के तीन हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। यहां रहने वाले अधिकांश परिवार वर्षों से मजदूरी, छोटे व्यवसाय और अन्य दैनिक रोजगार से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। बस्ती में रहने वाले अनेक लोगों के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली कनेक्शन सहित अन्य सरकारी दस्तावेज भी उपलब्ध हैं, जिससे उनके लंबे समय से यहां निवास करने की बात सामने आती है।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास, वैकल्पिक आवास एवं आजीविका की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिवार को बेघर होने की स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि वे न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन मानवीय आधार पर उनके हितों और भविष्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
जिलाधिकारी चर्चित गौंड ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा तथा पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तथ्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाए तथा शासन और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन से सीधे संपर्क करने की अपील की।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के कई अधिकारी, राजस्व विभाग के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही की जाएगी।