• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
दुद्धी में इंसानियत की मिसाल: राहगीर ने बचाई 15 दिनों से लापता युवक की जान, परिजनों से मिलते ही छलक पड़े खुशी के आंसू

दुद्धी में इंसानियत की मिसाल: राहगीर ने बचाई 15 दिनों से लापता युवक की जान, परिजनों से मिलते ही छलक पड़े खुशी के आंसू


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

 

सोनभद्र। दुद्धी कोतवाली क्षेत्र में रविवार देर रात इंसानियत की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में संवेदनशील और मददगार लोग मौजूद हैं। रेलवे स्टेशन मार्ग स्थित पत्ता गोदाम के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े एक युवक की जान एक राहगीर की सतर्कता, संवेदनशीलता और मानवता के कारण बच गई। यदि समय रहते उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता, तो उसकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा सकता था।

 

जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात तफिजूल पुत्र नजीर हुसैन, निवासी कोलकाता, जो वर्तमान में दुद्धी में एक कबाड़ की दुकान पर कार्य करता है, रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था। इसी दौरान पत्ता गोदाम के समीप उसे किसी व्यक्ति के दर्द से कराहने की आवाज सुनाई दी। पहले तो उसने आसपास नजर दौड़ाई, लेकिन अंधेरा होने के कारण कुछ दिखाई नहीं दिया। जब वह आवाज की दिशा में आगे बढ़ा तो देखा कि लगभग 25 वर्षीय एक युवक लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल अवस्था में जमीन पर पड़ा हुआ है। युवक दर्द से कराह रहा था और स्वयं उठने की स्थिति में भी नहीं था।

 

तफिजूल ने तत्काल आसपास मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन रात अधिक होने और सुनसान माहौल के कारण कोई सहायता के लिए आगे नहीं आया। ऐसे में उसने हिम्मत नहीं हारी और मानवता का परिचय देते हुए स्वयं घायल युवक को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों की सीमित मदद से युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उसका उपचार शुरू किया।

 

इलाज के दौरान युवक की हालत में कुछ सुधार होने पर उसकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। काफी प्रयास के बाद युवक के परिजनों से संपर्क स्थापित हुआ। तब पता चला कि घायल युवक वाराणसी का रहने वाला है और पिछले लगभग 15 दिनों से लापता था। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे और उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे।

 

सूचना मिलते ही युवक के परिजन दुद्धी पहुंचे। अपने बेटे को जीवित देखकर परिवार के लोगों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने तफिजूल का हाथ पकड़कर भावुक शब्दों में धन्यवाद दिया और कहा कि यदि समय रहते उन्होंने मानवता नहीं दिखाई होती, तो शायद उनका बेटा आज जीवित नहीं मिलता।

 

इस घटना की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने तफिजूल के इस मानवीय कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के एक अनजान व्यक्ति की मदद कर यह संदेश दिया कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

 

दुद्धी क्षेत्र में तफिजूल द्वारा दिखाई गई यह संवेदनशीलता और साहस आज लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। यह घटना बताती है कि कठिन परिस्थितियों में किसी जरूरतमंद की समय पर की गई छोटी-सी मदद भी उसके लिए नया जीवन बन सकती है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .