
45 दिन बाद जंगल में पेड़ से लटका मिला बुजुर्ग का कंकाल, कागजी खामी से एक सप्ताह तक अटकी रही जांच
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र के तुलसी गांव निवासी 65 वर्षीय मुन्नालाल यादव के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला उस समय और अधिक गंभीर हो गया, जब 45 दिन बाद उनका क्षत-विक्षत कंकाल जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ बरामद हुआ। 11 अप्रैल को वह घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित निजी गौशाला में पशुओं को चारा खिलाने गए थे, जिसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बावजूद लंबे समय तक उनकी तलाश जारी रही।
26 मई को डांगरखेरी जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ कंकाल मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका था तथा कमर के नीचे का हिस्सा गायब था। पहचान सुनिश्चित करने और मौत के कारणों की जांच के लिए डीएनए नमूने लिए गए तथा कंकाल को फोरेंसिक परीक्षण हेतु बीएचयू भेजा गया।
मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कागजी त्रुटियों के कारण पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग एक सप्ताह तक लंबित रहीं। इस दौरान कंकाल बीएचयू की फोरेंसिक लैब में ही रखा रहा। बाद में लालगंज क्षेत्राधिकारी ने पूरे घटनाक्रम से पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक को अवगत कराया, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
यह मामला अब रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत, पहचान की पुष्टि और संभावित कारणों की जांच को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।