
मिर्जापुर में मौत का अस्पताल: ‘राधे कृष्णा’ पर कार्रवाई की मांग, CM को पत्र
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर। वासलीगंज, बघेल की गली में आवासीय भवन में अवैध रूप से संचालित ‘राधे कृष्णा हॉस्पिटल’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। शिकायतकर्ता चंदन दुबे ने अस्पताल मालिक जमशेद अली और कथित अपात्र डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर अस्पताल सील करने की मांग की है।
पत्र में आरोप है कि 10 अक्टूबर 2026 को प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती प्रसूता सना और उसके नवजात की मौत हो गई। आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में योग्य गायनेकोलॉजिस्ट या एनेस्थीसिया विशेषज्ञ मौजूद नहीं था और BEMS/BAMS जैसी डिग्री वाले व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से सिजेरियन ऑपरेशन किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि अस्पताल किसी कमर्शियल भवन में नहीं, बल्कि निजी आवासीय मकान में नियमों के विरुद्ध चल रहा है। अस्पताल के बोर्ड पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रो-होम्योपैथी का नंबर RMEE2342073 लिखा है, जिसे भारत सरकार और NMC मान्यता नहीं देते।
अस्पताल परिसर में संचालित पैथोलॉजी सेंटर भी बिना रजिस्ट्रेशन के चलने और वहां शराब-बीयर की बोतलें मिलने का आरोप लगाया गया है, जिसका वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के दिन CMO को सूचना दी गई थी और नोडल अधिकारी ने डॉ. रामानंद सिंह, एडिशनल CMO डॉ. मुकेश और एडिशनल CMO डॉ. ओझा की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर 3 दिन में रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि 30 अक्टूबर तक, 20 दिन बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई।
पत्र में मांग की गई है कि अस्पताल मालिक और कथित डॉक्टरों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हो, अस्पताल को सील किया जाए और रिपोर्ट में देरी करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।