
ओबरा में युवक ने घर के बंद कमरे में फंदा लगाकर दी जान, चार माह की मासूम के सिर से उठा पिता का साया
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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पत्नी तीन महीने से मायके में रह रही थी, घटना के समय नशे की हालत में होने की परिजनों ने कही बात; आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस
सोनभद्र। ओबरा नगर के चूड़ी गली में एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां 26 वर्षीय युवक ने अपने ही घर के बंद कमरे में साड़ी के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। युवक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सबसे मार्मिक पहलू यह है कि मृतक की महज चार माह की एक दुधमुंही बेटी है, जिसे अभी ठीक से पिता का प्यार और दुलार भी नसीब नहीं हो सका था। पिता की असामयिक मौत के बाद मासूम के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, ओबरा नगर के चूड़ी गली निवासी अर्जुन (26) पुत्र स्वर्गीय लालचंद आजीविका चलाने के लिए कभी-कभार मछली बेचने का काम करता था। वर्ष 2024 में उसकी शादी गुंजन के साथ हुई थी। शादी के बाद दंपती के घर एक बेटी ने जन्म लिया, जो अभी महज चार माह की है। परिजनों के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी अपने मायके वाराणसी चली गई थी और पिछले करीब तीन महीने से वहीं रह रही थी।
बताया जाता है कि घटना से कुछ घंटे पहले अर्जुन को रेलवे लाइन की तरफ जाते हुए देखा गया था। इसके बाद वह अपने घर पहुंचा और एक कमरे में चला गया। कुछ देर बाद उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी समय बीतने के बाद भी जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बाद में कमरे में युवक को साड़ी के सहारे फंदे पर लटका देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। देखते ही देखते घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए।
परिजनों ने बताया कि घटना के समय अर्जुन नशे की हालत में था। उनका यह भी कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। हालांकि, युवक ने किन परिस्थितियों में यह आत्मघाती कदम उठाया, इसके पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पत्नी के लंबे समय से मायके में रहने सहित अन्य पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में कुछ महीने पहले बेटी के जन्म से खुशियां आई थीं, वहां अब सन्नाटा और अपनों को खोने का गम है। चार माह की मासूम को अभी यह भी एहसास नहीं है कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। अर्जुन की मौत से परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटना से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि युवक की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।