
ओबरा में अचानक बढ़ा जलस्तर, टापू पर फंसे एमएससी के तीन छात्र डायल 112 पर मांगी मदद
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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प्रशासन और नगर पंचायत की संयुक्त टीम ने नाव से एक घंटे की मशक्कत के बाद किया सुरक्षित रेस्क्यू
सोनभद्र। ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र के सेक्टर-3 टापू के पास रविवार शाम घूमने और सेल्फी लेने पहुंचे एमएससी के तीन छात्र अचानक जलस्तर बढ़ने से मुसीबत में फंस गए। देखते ही देखते टापू चारों तरफ से पानी से घिर गया और तीनों छात्रों के बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। अचानक आई इस आफत से घबराए छात्रों ने तत्काल डायल 112 पर फोन कर मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। प्रशासन और नगर पंचायत की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए नाव के सहारे करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद तीनों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, तीनों छात्र नौगढ़ क्षेत्र के निवासी हैं और ओबरा राजकीय महाविद्यालय में एमएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। रविवार शाम वे घूमने-फिरने और सेल्फी लेने के उद्देश्य से सेक्टर-3 टापू के पास पहुंचे थे। इसी दौरान शाम करीब छह बजे ओबरा पावर हाउस से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते पानी ने टापू को चारों तरफ से घेर लिया और तीनों छात्र बीच में फंस गए। अचानक बदले हालात से घबराए छात्रों ने सूझबूझ दिखाते हुए डायल 112 पर कॉल कर अपनी स्थिति की जानकारी दी और तत्काल मदद मांगी।
छात्रों के फंसे होने की सूचना जिलाधिकारी तक पहुंचते ही उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए ओबरा एसडीएम को तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में तहसीलदार मौके पर पहुंचे। वहीं, ओबरा चौकी इंचार्ज और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी भी अपनी टीम के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। छात्रों तक पहुंचने के लिए नाव की व्यवस्था की गई, जिसमें शाम करीब सात बजे तक का समय लगा। इसके बाद नाव के जरिए टापू तक पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद तीनों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सुरक्षित बाहर आने के बाद छात्रों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू अभियान पूरा होने पर तहसीलदार और ओबरा चौकी इंचार्ज ने तीनों छात्रों को भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नदी और टापू के आसपास घूमते समय जलस्तर में होने वाले बदलाव को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। खासकर पावर हाउस से पानी छोड़े जाने की स्थिति में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
रेस्क्यू अभियान में तहसीलदार, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी, चेयरमैन प्रतिनिधि, ओबरा चौकी इंचार्ज राजू साहनी, सुनील कुमार शुक्ला, राजेश कुमार यादव, सुधांशु मिश्रा समेत नगर पंचायत के कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन और नगर पंचायत की तत्परता से तीनों छात्रों की जान बच गई।