
काली मंदिर परिसर में घटिया रेलिंग निर्माण पर बवाल, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो: कमलेश पाण्डेय
सोनभद्र। नगर पंचायत चोपन द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नगर के प्रसिद्ध काली मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगाई जा रही रेलिंग में घटिया सामग्री के उपयोग का मामला सामने आया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेलिंग निर्माण में बेहद पतले लोहे और पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता। इस संबंध में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
काली मंदिर ऊँचाई पर स्थित है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कमजोर रेलिंग किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लोगों का कहना है कि रेलिंग इतनी कमजोर है कि हल्के दबाव में ही हिलने लगती है, जिससे इसकी मजबूती पर संदेह और गहरा गया है।
स्थानीय सभासदों और जागरूक नागरिकों ने इस कार्य को ‘खानापूर्ति’ बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। आरोप यह भी है कि नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
हालांकि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन अब मामला सार्वजनिक होने के बाद लोगों ने प्रशासन से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मानक के अनुरूप मजबूत रेलिंग लगाने की भी अपील की गई है।