
बस में नवजात को छोड़ने की सूचना से मचा हड़कंप, जांच में निकला अलग मामला; पुलिस ने मां-बेटे को सुरक्षित पहुंचाया घर
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र के चोपन क्षेत्र में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक निजी बस में नवजात बच्चे को छोड़कर महिला के चले जाने की सूचना फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि पुलिस की जांच में पूरा मामला अफवाहों से अलग निकला। जांच में पता चला कि बच्चा महिला का ही पुत्र है और महिला मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण लोगों के सवालों का सही जवाब नहीं दे पा रही थी। सत्यता सामने आने के बाद पुलिस ने मां और बच्चे को सकुशल उनके घर पहुंचा दिया।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे कोन मार्ग पर जाने वाली एक निजी बस तेलगुड़वा बस स्टैंड पर यात्रियों का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक महिला अपने लगभग डेढ़ से दो माह के शिशु को लेकर बस स्टैंड पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला ने बच्चे को बस में चालक की सीट के पीछे वाली सीट पर लिटाया और खुद बस से उतरकर कहीं चली गई। शुरुआत में बस में बैठे यात्रियों ने सोचा कि महिला किसी आवश्यक कार्य से गई होगी और थोड़ी देर में लौट आएगी।
लेकिन समय बीतने के साथ बच्चा लगातार रोने लगा और महिला का कहीं पता नहीं चला। इससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई। बस स्टैंड पर मौजूद लोगों ने महिला की तलाश शुरू की, लेकिन काफी देर तक वह आसपास दिखाई नहीं दी। बाद में कुछ लोगों ने उसे बस स्टैंड से लगभग एक किलोमीटर दूर कोटा मार्ग की ओर पैदल जाते हुए देखा। लोगों ने उसे रोककर बच्चे के संबंध में पूछताछ की, लेकिन महिला कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। उसके व्यवहार और जवाब न देने की स्थिति को देखकर लोगों को मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला तथा बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच की, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि नवजात बच्चा उसी महिला का पुत्र है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर है, जिसके कारण वह लोगों के सवालों का ठीक से उत्तर नहीं दे पा रही थी और अपनी बात स्पष्ट रूप से नहीं बता सकी।
पुलिस ने महिला के परिजनों से संपर्क कर उसकी पहचान सुनिश्चित की। सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और मां-बेटे को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया। इस घटना ने कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, लेकिन पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से मामले की सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में अफवाह फैलाने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि तथ्यात्मक जांच कर सही स्थिति स्पष्ट की जा सके। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।