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सोनभद्र में सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण, डीएम चर्चित गौड़ ने उर्वरक वितरण में पारदर्शिता के दिए सख्त निर्देश

सोनभद्र में सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण, डीएम चर्चित गौड़ ने उर्वरक वितरण में पारदर्शिता के दिए सख्त निर्देश


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

सोनभद्र जिले में किसानों को डीएपी और यूरिया उर्वरक की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर गुरुवार को जनपदभर की सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया गया। डीएपी और यूरिया वितरण में अनियमितताओं की मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक जांच अभियान चलाया, जिससे उर्वरक वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।

जिलाधिकारी के निर्देश पर समस्त जनपद स्तरीय अधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों तथा सभी उपजिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित सहकारी समितियों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगवा ब्लॉक की सहकारी समितियों के अलावा वैनी, आमडीह और खलियारी सहित विभिन्न समितियों की भी गहन जांच की गई। निरीक्षण के समय कई समितियों पर किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत डीएपी और यूरिया उर्वरक का वितरण करते हुए पाया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उर्वरकों के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर, उपलब्धता, किसानों के पंजीकरण और वितरण प्रक्रिया की भी बारीकी से जांच की। साथ ही किसानों से बातचीत कर यह जानकारी ली गई कि उन्हें खाद समय पर मिल रही है या नहीं तथा वितरण में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को डीएपी एवं अन्य उर्वरकों का वितरण पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों की बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी भी स्थिति में उर्वरकों की कमी का सामना नहीं करना चाहिए। सभी समितियां पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रखें और जरूरतमंद किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता, कालाबाजारी, जमाखोरी, अनियमितता अथवा लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी समिति, विक्रेता या संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि किसी सहकारी समिति या उर्वरक विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली जाती है, खाद देने में अनावश्यक आनाकानी की जाती है या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित उपजिलाधिकारी अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


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