
7 दिन में 1.28 मीटर घटीं गंगा, प्रभावित क्षेत्रों में नहीं हो रहा दवाओं का छिड़काव
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर। गंगा में बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 7 दिन में 1.28 मीटर पानी घट गया है। पानी घटने से तटीय क्षेत्रों में फसलों के सड़ने से उठ रही दुर्गंध से संक्रामक बीमारियां पांव पसार रहीं हैंअधिकांश क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। बीमारियों की चपेट में आकर लोग अस्पतालों का चक्कर लगा रहे हैं।
गंगा लगातार घटाव पर हैं। 7 दिन पहले 11 अगस्त को गंगा का जलस्तर 73.650 मीटर था। रविवार को 1.28 मीटर बाढ़ का पानी घटकर 72.370 मीटर तक पहुंच गया है। कछवां में गंगा में बाढ़ का पानी कम होने के बाद तटीय इलाकों में फसलों के सड़ांध से संक्रामक फैलने का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र में डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछवां में बुखार से पीड़ित लगभग 100 मरीज रोज पहुंच रहे हैं। जबकि कछवां क्रिश्चियन अस्पताल में भी मरीजों की संख्या कम नहीं है।
बृहस्पतिवार को कछवां क्रिश्चियन अस्पताल में डेंगू से पीड़ित एक महिला की मौत हो चुकी है। कई डेंगू मरीज उपचार के लिए भर्ती हैं। छानबे में बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारी रोकने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है। तिलईमौआर, जोपा, नदिनी, नौगांव आदि गांवों में दवा का छिड़काव नहीं हुआ है।