• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
सोनभद्र मेडिकल कॉलेज का सी-ब्लॉक अंधेरे में: बिजली गुल, इलाज ठप — मरीज बेहाल, जिम्मेदार बेखबर

सोनभद्र मेडिकल कॉलेज का सी-ब्लॉक अंधेरे में: बिजली गुल, इलाज ठप — मरीज बेहाल, जिम्मेदार बेखबर


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

सोनभद्र। जनपद के मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मेडिकल कॉलेज का सी-ब्लॉक पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है, जिससे यहां इलाज व्यवस्था मानो “वेंटिलेटर” पर पहुंच गई है। दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी स्थिति संभालने में नाकाम नजर आ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि रात करीब 12 बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, और 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े मेडिकल कॉलेज में न तो जनरेटर की व्यवस्था है और न ही इनवर्टर का कोई बैकअप, जिससे आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

इलाज से लेकर पानी तक सब ठप

बिजली न होने के कारण:

ओपीडी सेवाएं प्रभावित

ब्लड जांच और रिपोर्ट पूरी तरह ठप

ऑपरेशन थिएटर में कामकाज बाधित

पेयजल संकट गहराया

जांच के लिए लिए गए कई ब्लड सैंपल खराब हो चुके हैं, जिससे मरीजों को दोबारा जांच कराने की नौबत आ गई है। इस भीषण गर्मी में पानी की कमी ने मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

मरीजों की पीड़ा

मरीजों का कहना है कि वे लगातार दो दिनों से रिपोर्ट के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण उन्हें रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में इलाज में देरी हो रही है और हालत बिगड़ने का खतरा बना हुआ है।

नई प्रभारी भी हैरान

सी-ब्लॉक की प्रभारी डॉ. ज्योति अग्रवाल ने बताया कि उन्हें अभी दो दिन पहले ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने खुद आश्चर्य जताते हुए कहा कि

“समझ में नहीं आ रहा कि इतने महत्वपूर्ण ब्लॉक में अब तक जनरेटर और इनवर्टर जैसी बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं हैं।”

सवालों के घेरे में व्यवस्था

मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील संस्थान में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब स्वास्थ्य सेवाओं का यह हाल है, तो आम मरीज किस पर भरोसा करे?

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और मरीजों को राहत मिल पाती है या नहीं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .