
सोनभद्र पुलिस की जनसुनवाई: पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सोमवार को चुर्क स्थित पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक चले इस जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, मारपीट, गुमशुदगी, साइबर धोखाधड़ी, राजस्व संबंधी प्रकरणों सहित विभिन्न पुलिस एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने प्रत्येक शिकायत का स्वयं संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और मामलों के त्वरित एवं न्यायसंगत समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी मामलों की तथ्यपरक जांच कर वास्तविक स्थिति के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित न्याय और प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
एसपी अभिषेक वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक देरी, उदासीनता अथवा शिकायतों को गंभीरता से न लेने की प्रवृत्ति पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सोनभद्र पुलिस आमजन की सुरक्षा, न्याय और विश्वास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जनसुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उसका त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि जनता और पुलिस के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं जवाबदेही की भावना और अधिक सुदृढ़ हो सके।