
अब घर बैठे मिलेगी खतौनी की प्रमाणित कॉपी
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
यूपी में डिजिटल क्रांति: 24 घंटे ऑनलाइन डाउनलोड होगी प्रमाणित खतौनी, तहसील के चक्कर से मिलेगी राहत
लखनऊ/उत्तर प्रदेश।
उत्तर प्रदेश के करोड़ों भूधारकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब खतौनी (अधिकार अभिलेख) की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए लोगों को तहसील या जनसेवा केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने खतौनी की प्रमाणित कॉपी प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत लोग घर बैठे ही ऑनलाइन शुल्क जमा कर प्रमाणित खतौनी डाउनलोड कर सकेंगे।
राजस्व परिषद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भूलेख पोर्टल पर खतौनी व्यवस्था पहले से रियल टाइम ऑनलाइन संचालित थी, लेकिन अब प्रमाणित प्रति जारी करने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है। इससे प्रदेश में ई-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया अभियान को नई मजबूती मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में हर वर्ष लगभग 3 करोड़ से अधिक भूधारक खतौनी की प्रमाणित प्रति लेने के लिए तहसीलों और जनसेवा केंद्रों का सहारा लेते थे। इस प्रक्रिया में लोगों का समय, श्रम और धन तीनों खर्च होते थे। नई ऑनलाइन सुविधा शुरू होने के बाद आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत आवेदक राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “खतौनी की नकल” विकल्प का चयन करेंगे। इसके बाद जनपद, तहसील और गांव चुनकर संबंधित गाटा संख्या दर्ज करनी होगी। ऑनलाइन माध्यम से मात्र ₹15 शुल्क जमा करने के बाद प्रमाणित खतौनी तुरंत डाउनलोड की जा सकेगी।
भुगतान के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और क्यूआर कोड जैसी आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे प्रक्रिया और अधिक सरल एवं सुविधाजनक बन गई है।
राजस्व परिषद का कहना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से तहसीलों पर जनदबाव कम होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रदेश के नागरिकों को 24×7 कहीं से भी खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही डिजिटल सेवाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच सकेगा।
राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए इस नई व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।