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बैल बेचने का नहीं दिया पैसा और जादू टोना के शक में की गला दबाकर हत्या

बैल बेचने का नहीं दिया पैसा और जादू टोना के शक में की गला दबाकर हत्या


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र। दो साल पहले बैल बेचने का पैसा नहीं देने और जादू टोना के शक में तीन आरोपियों ने जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांवा में शिवचरन गोंड (42) की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात से पहले उसे घर से बुलाकर शराब पिलाई गई। जब वह नशे में धुत हो गया, तब आरोपियों ने गला दबाकर मार डाला। शव को सोन नदी के किनारे फेंक दिया। थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह खुलासा आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में किया।थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना 14 मार्च की है, लेकिन चार दिन बाद शव मिलने पर परिवार को इसकी जानकारी हुई। छानबीन में जुटी पुलिस ने हत्या से जुड़े ठोस सुराग मिलने के बाद बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज कर तीन आरोपियों चौरा-बिजौरा निवासी रामप्रसाद यादव, बिजौरा निवासी छोटेलाल और परसराम उर्फ सरवन उर्फ सुखदेव को गिरफ्तार किया है।जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांवा निवासी शिवचरन गोंड 14 मार्च की शाम से लापता थे। 19 मार्च को उनका शव सोन नदी किनारे गुजरी में सड़ी-गली अवस्था में मिला था। पोस्टमार्टम के दौरान सामने आया कि गला दबाकर हत्या की गई है। बृहस्पतिवार को मृतक की पत्नी इसरावती थाने पहुंची और तहरीर देते हुए बताया कि जुगैल थाना क्षेत्र के चौरा-बिजौरा निवासी रामप्रसाद यादव उसके यहां 14 मार्च की शाम चार बजे आया था। कुछ जरूरी काम होने की बात कहते हुए उसके पति को बाइक से अपने साथ ले गया। उसके बाद से ही उनका पता नहीं चल रहा था। थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि जांच आगे बढ़ाई गई तो पता चला कि रामप्रसाद और शिवचरन दोनों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। उस वक्त उनके साथ बिजौरा निवासी छोटेलाल और परसराम उर्फ सरवन उर्फ सुखदेव भी मौजूद थे। इन्हीं तीनों ने मिलकर शिवचरन की हत्या की है।
इस तरह रची गई साजिश
थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों के बारे में पता चला कि तीनों अपने घर पर मौजूद हैं। सुबह साढ़े 10 बजे दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। थाने लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि रामप्रसाद को इस बात की नाराजगी थी कि शिवचरन ने दो साल पूर्व उसका बैल किसी को बेच दिया था लेकिन उसका पैसा अब तक नहीं दिया था। मांगने पर टालमटोल करता रहता था। वहीं छोटेलाल और परसराम को यह शक था कि शिवचरण उसके पट्टीदारों से मिलकर उनके और परिवार वालों पर जादूटोना कर रहा था। शिवचरन अक्सर उनके पट्टीदारों के यहां आता-जाता भी रहता था। इसी बात को लेकर तीनों ने हत्या का प्लान बनाया। बहाने से उसे नदी किनारे लाए। शराब पिलाने के दौरान इन्हीं बातों का जिक्र किया। जैसे ही तू-तू, मैं-मैं शुरू हुई। गला दबाकर हत्या कर दी।


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