
70 हजार लेकर नवजात की मौत? मीरजापुर का आईवा हॉस्पिटल फिर विवादों में
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
! चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
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बेसमेंट में चल रहे अस्पताल पर उठे सवाल, स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली भी जांच के घेरे में
मीरजापुर: प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद रमई पट्टी स्थित आईवा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि सिजेरियन डिलीवरी के नाम पर करीब 70 हजार रुपये वसूले गए, लेकिन मरीज की हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर समुचित इलाज नहीं दिया गया। आरोप है कि लापरवाही के चलते नवजात की जान चली गई।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चा पहले से ही गर्भ में मृत था। अस्पताल की ओर से दावा किया गया कि परिजनों की लिखित सहमति के बाद ही ऑपरेशन किया गया था।
इस बीच मामले में एक और बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब जानकारी सामने आई कि अस्पताल बेसमेंट में संचालित हो रहा है। इसे लेकर सुरक्षा मानकों, आपातकालीन सुविधाओं और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अस्पताल की जांच और निगरानी की गई होती तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता था।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।