
मिर्जापुर में दहेज हत्या के मामले में 12 साल बाद आया फैसला, पति समेत चार दोषियों को उम्रकैद
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर। दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पति, सास, ससुर और देवर सहित चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर कुल 32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय के इस फैसले से पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 20 नवंबर 2014 का है। चुनार थाना क्षेत्र के मड़ई मड़फा निवासी ओम प्रकाश ने अपनी बहन की दहेज के लिए प्रताड़ित कर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली देहात थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, साक्ष्य एकत्र किए तथा गवाहों के बयान दर्ज किए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत और प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों एवं साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों को आधार मानते हुए पति, सास, ससुर और देवर को दोषी ठहराया तथा सभी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया।
इस महत्वपूर्ण मामले में अभियोजन अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने प्रभावी पैरवी की। वहीं विवेचक सर्वजीत साही, कोर्ट मुहर्रिर उपनिरीक्षक राजेश कुमार तिवारी, आरक्षी विनोद कुमार गोस्वामी तथा पैरोकार आरक्षी धीरज ने मुकदमे को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
न्यायालय के इस फैसले को दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। साथ ही यह निर्णय उन परिवारों के लिए भी उम्मीद की किरण है, जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा में संघर्ष कर रहे हैं।