
मिर्जापुर: जिगना थाना पुलिस ने नकली सोने की गुल्ली को असली बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 16 नकली सोने की गुल्ली, ठगी से प्राप्त 1 लाख 37 हजार रुपये नकद तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह भोले-भाले लोगों को खुदाई में मिला प्राचीन सोना बताकर अपने जाल में फंसाता था और विश्वास में लेकर उनसे बड़ी रकम ऐंठ लेता था।
इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब गाजीपुर जनपद के लीलापुर निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने 12 जुलाई 2026 को थाना जिगना में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि कुछ लोगों ने उसे खुदाई में मिला असली सोना होने का झांसा देकर नकली सोने की गुल्ली बेच दी और उससे बड़ी धनराशि ठग ली। शिकायत के आधार पर थाना जिगना में मु0अ0सं0-176/2026 के तहत धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) तथा क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक जिगना के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और लगातार की गई निगरानी के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके पास खुदाई में मिला बहुमूल्य सोना है। कम कीमत में असली सोना मिलने का लालच देकर वे लोगों को नकली सोने की गुल्ली बेच देते थे और रकम लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने मिर्जापुर सहित अन्य जनपदों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है तथा इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया। साथ ही आमजन से अपील की है कि इस प्रकार के लालच और झांसे में न आएं तथा संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि इस तरह की ठगी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।