
आदर्श ब्राह्मण मंच उत्तर प्रदेश द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह हुआ संपन्न
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर – अदलहाट, पथरौरा नहर स्थित मां वैष्णो लान में परशुराम जन्मोत्सव समारोह कुशलता पूर्वक संपन्न हुआ। जिसकी अध्यक्षता डा ब्राह्मनंद शुक्ला ने की, मुख्य अतिथि के रूप में सुदर्शन शरण जी महाराज संस्थापक – परशुराम अखाड़ा प्रयागराज, विशिष्ट अतिथि – प्रोफेसर हरि प्रसाद अधिकारी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी एवं पंडित चंद्र मौली त्रिपाठी ज्योतिष आचार्य, विशिष्ट अतिथि डॉ आशा पांडे समाज सेविका की गरिमायी उपस्थिति रही। सुदर्शन शरण जी महाराज के मुखारविंद से भगवान परशुराम जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि परशुराम जी का जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया को हुआ इसलिए इसे अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। परशुराम जमदगिन और माता रेणुका के पुत्र थे । परशुराम शास्त्र और शास्त्र दोनों में निपुण थे। उन्होंने गुरु महर्षि विश्वामित्र से शिक्षा प्राप्त की भगवान शिव की कठोर तपस्या के बाद उनको एक फरसा प्राप्त हुआ किसको वह हमेशा धारण करते थे, इसलिए उनका नाम परशुराम पड़ा जब छत्रीय राजा अत्याचारी हो गए तब उन्होंने 21 बार पृथ्वी को अधर्मी क्षत्रियों से मुक्त किया। वे महाभारत काल में भी सक्रिय थे और उन्होंने पितामह भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण को धनुर विद्या की शिक्षा दी। हिंदू मान्यताओं के अनुसार परशुराम उन सात अमर व्यक्तियों में से एक है जो आज भी जीवित हैं। परमशुराम जयंती के अवसर पर विशेष रूप से उनकी पूजा अर्चना की जाती है और उनके जीवन से धर्म और न्याय के प्रति समर्पण की प्रेरणा ली जाती है। कार्यक्रम संयोजक के रूप में सितेश चंद द्विवेदी, अमित कुमार पांडे, आशीष कुमार द्विवेदीने अपना अमूल योगदान दिया। इस विशेष अवसर पर दूर-दराज से आए हुए क्षेत्रीय ब्राह्मण पंडित मदन मोहन पाठक, विजय उपाध्याय, प्रमोद तिवारी, राकेश तिवारी, अशोक दीक्षित, अरविंद दुबे, राजेश दुबे, रंजन द्विवेदी, दुर्गेश द्विवेदी , अश्विनी उपाध्याय और अन्य क्षेत्रिय गणमान्य ब्राह्मण उपस्थित रहे।