
पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या: दोषी दंपती को आजीवन कारावास, 11-11 हजार का जुर्माना
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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ढाई साल पुराने नगीता हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, जुर्माना न देने पर अतिरिक्त 6 माह की सजा
सोनभद्र:
जनपद के बहुचर्चित नगीता हत्याकांड में गुरुवार को सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी दंपती को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समाहित करने का आदेश दिया गया है।
सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने मामले को गंभीर हत्या बताते हुए कड़ी सजा की मांग की थी।
क्या था मामला:
अभियोजन के अनुसार, 28 नवंबर 2023 की शाम करीब 6 बजे थाना चोपन क्षेत्र के सलखन टोला बहिरहवां निवासी राम सुदीन धरिकार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसका छोटा भाई चिनीलाल धरिकार अपनी पत्नी रेशमी के साथ कुल्हाड़ी लेकर घर पहुंचा। उस समय उसकी पत्नी नगीता घर पर बच्चों के साथ मौजूद थी।
चिनीलाल ने नगीता को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन मना करने पर उसने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी। बचाने आए बेटे उत्तम (13) पर भी हमला किया गया। घटना के बाद आरोपी दंपती मौके से फरार हो गया।
घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां नगीता (40) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बेटे का इलाज जारी रहा।
कोर्ट का फैसला:
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने इसे पहला अपराध बताते हुए नरमी की अपील की, लेकिन अदालत ने गवाहों के बयान, साक्ष्य और पत्रावली के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।