
फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र मामले में अनुदेशक पर एफआईआर, डीएम के निर्देश पर कार्रवाई
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर में जिलाधिकारी के निर्देश पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिगना थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासी आनंद सिंह के खिलाफ कोतवाली शहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मुकदमा लेखपाल सुरतरु कुमार की तहरीर पर दर्ज हुआ है।
आनंद सिंह पुत्र स्वर्गीय सेवा सिंह वित्तीय वर्ष 2013 से कंपोजिट विद्यालय बजटा में अनुदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर लाभ प्राप्त किया। इस मामले में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
लेखपाल सुरतरु कुमार के अनुसार, आनंद सिंह द्वारा उच्च न्यायालय में दाखिल रिट याचिका के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र की जांच कराई गई थी। जांच के क्रम में निदेशक/सचिव, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण विभाग ने शासन को अवगत कराया कि 18 जनवरी 1994 को जारी किया गया संबंधित प्रमाणपत्र कार्मिक विभाग के अभिलेखों में प्रमाणित नहीं पाया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।