
विंध्यवासिनी धाम में तीर्थ पुरोहितों की दो गुट में जमकर मारपीट, सावन मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर/विंध्याचल। धर्मनगरी विंध्यवासिनी धाम में गुरुवार को दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर से लेकर पुराने वीआईपी गेट तक एक तीर्थ पुरोहित के साथ कई लोगों ने कथित रूप से मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें मंदिर परिसर से खींचते हुए पास की एक प्रसाद की दुकान तक ले जाकर भी पीटा। घटना के दौरान श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बताया जा रहा है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी और उसने पक्षों को अलग करने का प्रयास किया, लेकिन विवाद अलग-अलग स्थानों पर चलता रहा। इसके बाद मामला विंध्याचल कोतवाली पहुंचा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले में अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं हुई, जिससे तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विंध्याचल कस्बे में वर्चस्व की लड़ाई समय-समय पर हिंसक रूप लेती रही है। पूर्व में भी मंदिर क्षेत्र के आसपास मारपीट और गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे श्रद्धालुओं और व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
सावन मेले की शुरुआत के साथ ही विंध्यवासिनी धाम में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, उपद्रवियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई करने तथा मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार की भयमुक्त और जीरो टॉलरेंस नीति का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर सकें।