
बभनी में टीएचआर प्लांट की महिला कर्मी ने छोड़ी नौकरी, मारपीट व न्याय न मिलने का लगाया आरोप
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र के बभनी विकासखंड में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) द्वारा संचालित टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बभनी थाना क्षेत्र के बड़होर गांव निवासी विधवा महिला चंदा ने कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और घटना के बाद न्याय न मिलने से आहत होकर प्लांट में अपनी नौकरी छोड़ दी है। इस प्रकरण ने स्वयं सहायता समूहों की कार्यप्रणाली और महिला कर्मियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि 10 जुलाई को चंदा टीएचआर प्लांट से पोषाहार की आपूर्ति लेकर करमहल टोला विद्यालय पहुंची थीं। आरोप है कि इसी दौरान पिकअप वाहन चालक और उस मकान के मालिक, जहां टीएचआर प्लांट संचालित होता है, ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट की। घटना के बाद पीड़िता ने न्याय की उम्मीद में संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी, लेकिन उनका आरोप है कि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन पर समझौता करने का दबाव बनाया गया।
पीड़िता का कहना है कि जब उन्हें कहीं से भी न्याय नहीं मिला और लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, तब उन्होंने मजबूर होकर अपनी नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि एक विधवा महिला होने के बावजूद उन्हें सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल सकी, जिससे वे खुद को पूरी तरह असहाय महसूस करने लगीं।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि महिला कर्मियों के साथ इस प्रकार की घटनाएं होती हैं और उनकी शिकायतों का निष्पक्ष समाधान नहीं होता, तो इससे स्वयं सहायता समूहों की साख पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़िता को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी महिला कर्मी के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।