
सोनभद्र: डीएम के निर्देश के छह दिन बाद भी नहीं दूर हुई खलियारी बाजार की जलभराव समस्या, सड़क बनी तालाब, लोगों में आक्रोश
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र जनपद के नगवां विकासखंड अंतर्गत खलियारी बाजार में जलभराव की गंभीर समस्या से स्थानीय लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश जारी होने के छह दिन बाद भी सड़क पर जमा गंदा पानी नहीं निकाला जा सका है। हालात ऐसे हैं कि मुख्य सड़क पूरी तरह तालाब का रूप ले चुकी है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर कई दिनों से गंदा पानी जमा होने के कारण आसपास के घरों और दुकानों तक दुर्गंध फैल रही है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी लगातार बनी हुई है। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव और गंदगी की शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद संबंधित अवर अभियंता (जेई) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासन शीघ्र ही पानी की निकासी कराकर राहत दिलाएगा, लेकिन छह दिन बीत जाने के बावजूद मौके पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय निवासी शिवदास जायसवाल ने बताया कि खलियारी बाजार की नालियां वर्षों से जाम पड़ी हैं और करीब 15 वर्षों से उनकी समुचित सफाई नहीं कराई गई है। नालियों में गाद और कूड़ा भर जाने के कारण बरसात का पानी निकल नहीं पाता और पूरी सड़क पर जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका।
बाजार के व्यापारियों का कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे उनके व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वहीं स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक रोजाना जोखिम उठाकर इस सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि खलियारी बाजार में तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाए, जाम नालियों की सफाई कराई जाए तथा स्थायी समाधान के लिए नालियों के निर्माण और मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जलभराव की समस्या के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी गंभीर रूप ले सकता है।