
मातृत्व लाभ दिलाने के नाम पर महिला से 99,999 रुपये की साइबर ठगी, पुलिस ने 25,256 रुपये कराए वापस
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर। मातृत्व लाभ दिलाने के नाम पर स्वास्थ्यकर्मी बनकर एक महिला से साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। जालसाज ने प्रसूता को सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर यूपीआई के माध्यम से उसके खाते से 99,999 रुपये निकाल लिए। शिकायत के बाद जमालपुर पुलिस की साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता के खाते में 25,256 रुपये वापस करा दिए।
जानकारी के अनुसार, जमालपुर थाना क्षेत्र के सहजनी हर्दी गांव निवासी छाया सिंह पत्नी विनोद कुमार ने 8 अक्टूबर 2025 को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्यकर्मी बताते हुए उसे प्रसूता को मिलने वाले मातृत्व लाभ की राशि दिलाने का भरोसा दिया। जालसाज की बातों में आकर पीड़िता ने उसके बताए अनुसार यूपीआई के माध्यम से लेन-देन किया, जिसके बाद उसके बैंक खाते से कुल 99,999 रुपये की धनराशि निकाल ली गई।
शिकायत मिलते ही जमालपुर पुलिस की साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कराया और धनराशि की ट्रेसिंग शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी माध्यमों से लेन-देन से संबंधित जानकारी जुटाते हुए संबंधित बैंक एवं भुगतान माध्यमों से समन्वय स्थापित किया।
पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन एवं क्षेत्राधिकारी चुनार के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की गई धनराशि में से 25,256 रुपये पीड़िता के खाते में वापस करा दिए।
पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़िता को बड़ी राहत मिली है। साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के फोन, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर मांगी जाने वाली बैंकिंग या यूपीआई संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत करें।