
गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें बरकरार बिजली गुल होने से गांवों में छा रहा अंधेरा, सोलर पैनल भी बारिश में नहीं दे पा रहे साथ
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
शाहजहांपुर। मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। जलस्तर घटने के साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में भरा पानी भी उतरने लगा है, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत जरूर मिली है। हालांकि, बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद ग्रामीणों की परेशानियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। गांवों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण शाम होते ही कई इलाके घुप अंधेरे में डूब जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए वे हर वर्ष पहले से ही सौर ऊर्जा पैनल, बैटरी, टॉर्च और अन्य वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम कर लेते हैं। लेकिन इस बार लगातार आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण सोलर पैनल पर्याप्त रूप से चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में रात के समय रोशनी की समस्या गंभीर हो जाती है। मोबाइल फोन चार्ज करना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों सैलानी, देव्पल शर्मा, रामगोपाल, असलम और सत्तार ने बताया कि बाढ़ और बारिश के दौरान एक और बड़ा खतरा जहरीले जीव-जंतुओं का बना रहता है। खेतों और बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप और बिच्छू सूखी एवं सुरक्षित जगह की तलाश में घरों तक पहुंच जाते हैं। कई बार ये जहरीले जीव घरों के अंदर, सामान के बीच और यहां तक कि बिस्तरों तक पहुंच जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में हर समय भय का माहौल बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम होने से राहत तो मिली है, लेकिन बिजली की समस्या, घरों में नमी, जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा और रोजमर्रा की जरूरी सुविधाओं का अभाव अभी भी उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द सुचारु कराई जाए, साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी जब तक बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह बहाल नहीं होतीं, तब तक उनकी मुश्किलें कम होने वाली नहीं हैं।