
सोनभद्र: म्योरपुर में सर्पदंश की दो घटनाओं से हड़कंप, छह वर्षीय मासूम समेत किसान अस्पताल में भर्ती
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र। जिले के म्योरपुर विकासखंड में रविवार को सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इन घटनाओं में एक छह वर्षीय मासूम और एक किसान विषैले सर्प के डंसने से अचेत हो गए। दोनों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) म्योरपुर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। मासूम की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पहली घटना महरीकला गांव की है। जानकारी के अनुसार, ईश्वर प्रसाद का छह वर्षीय पुत्र मनोहर रविवार दोपहर अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान झाड़ियों से निकले एक विषैले सर्प ने उसके पैर में डंस लिया। सर्पदंश के बाद मासूम की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से सर्पदंश वाले स्थान पर ब्लेड से चीरा भी लगाया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई।
परिजन तत्काल मनोहर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. धर्मराज मौर्य ने प्राथमिक उपचार किया। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
वहीं दूसरी घटना कुदरी गांव में हुई। यहां 53 वर्षीय किसान रामदेव, पुत्र सुखदेव, अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान खेत में छिपे एक विषैले सर्प ने उन्हें डंस लिया। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह अचेत हो गए। परिजनों व ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें सीएचसी म्योरपुर पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
रविवार को एक ही दिन में सर्पदंश की दो घटनाएं सामने आने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बरसात के मौसम में खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं, बल्कि पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं ताकि समय रहते उचित उपचार मिल सके।