
रामनगर पंप कैनाल टूटने से किसानों में आक्रोश, धान की नर्सरी पर मंडराया संकट
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
* चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
* 8382048247
मिर्जापुर जनपद के विकास खण्ड पहाड़ी क्षेत्र में स्थित रामनगर पंप कैनाल के टूट जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगभग एक वर्ष तक चले मरम्मत कार्य के बाद जब पहली बार नहर में पानी छोड़ा गया, तो नहर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। पानी की आपूर्ति बाधित होने से क्षेत्र के किसानों की धान की नर्सरी सूखने के कगार पर पहुंच गई है और खेती-किसानी पर संकट गहरा गया है।
रामनगर पंप कैनाल रामनगर, सीकरी, धर्मदेवा, छटाहा, रानी चौकिया, मिश्रपुर समेत दर्जनों गांवों के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। किसानों को उम्मीद थी कि मरम्मत के बाद नहर सुचारु रूप से संचालित होगी, लेकिन पहली ही बार पानी छोड़े जाने पर नहर के टूट जाने से विभागीय कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार नहर में सीसी लाइनिंग और गहरीकरण का कार्य कराया गया था। किसानों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया, जिसके कारण नहर पानी का दबाव नहीं झेल सकी। परिणामस्वरूप लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
क्षेत्रीय किसान दिनेश यादव, विपिन यादव, सत्येंद्र यादव, राजपति यादव, बृजेश यादव, रंजीत यादव, सुनील यादव एवं कमंडल यादव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया होता और गुणवत्ता की निगरानी की गई होती, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
किसानों का कहना है कि धान की रोपाई का समय चल रहा है और सिंचाई बाधित रहने से उनकी फसल प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल नहर की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति बहाल कराने तथा निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न उत्पन्न हो।