
सोनभद्र। घोरावल विकासखंड के पेढ़ ग्राम स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सप्त दिवसीय शिव शक्ति महायज्ञ का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। शुक्रवार प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ यज्ञ मंडप में आहुतियां अर्पित की गईं। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से यज्ञ की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री राम” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
शाम 5 बजे से आयोजित कथा एवं प्रवचन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। व्यास पीठ से कथा का रसपान कराते हुए गुजरात के महीसागर से पधारे आचार्य सुमन पुरी महाराज ने भगवान श्री राम की अद्भुत लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि अधर्म, अहंकार और पाप चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न प्रतीत हो, उसका अंत निश्चित है। सत्य और धर्म की विजय सदैव होती है।
आचार्य पुरी ने रामायण प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब भगवान श्री राम वनवास के दौरान पंचवटी पहुंचे और माता सीता का हरण हुआ, तब रावण के पराक्रमी सहयोगी खर और दूषण विशाल सेना के साथ युद्ध करने आए। वे अत्यंत बलशाली और अजेय माने जाते थे, लेकिन भगवान श्री राम ने अपने अद्वितीय पराक्रम, सत्य और धर्मबल से उनका संहार कर दिया।
उन्होंने कहा कि जब रावण को खर-दूषण वध का समाचार मिला, तब उसे यह एहसास होने लगा कि श्री राम कोई साधारण मानव या तपस्वी नहीं, बल्कि दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं। इसके बावजूद रावण अपने अहंकार और शक्ति के मद में चूर रहा, जिसका परिणाम अंततः उसके विनाश के रूप में सामने आया।
प्रवचन के दौरान आचार्य ने कहा कि मनुष्य को कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए। धर्म, सत्य, मर्यादा और सदाचार ही जीवन का वास्तविक आधार हैं। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।
महायज्ञ एवं कथा आयोजन में क्षेत्र के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे एवं अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं।