
मोबाइल हैक कर UPI से उड़ाए गए 98 हजार रुपये, साइबर सेल की कार्रवाई से 5 हजार रुपये हुए वापस
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मीरजापुर में साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस की साइबर सेल टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते में 5 हजार रुपये वापस कराए हैं। मोबाइल हैक कर यूपीआई (UPI) के माध्यम से 98 हजार रुपये की ठगी का शिकार हुए युवक को तकनीकी जांच और बैंक समन्वय के बाद आंशिक धनराशि वापस मिलने से राहत मिली है। पीड़ित ने पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया है।
जानकारी के अनुसार, जिगना थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासी असीम सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह ने 14 मार्च 2026 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया और यूपीआई के माध्यम से उनके बैंक खाते से लगभग 98 हजार रुपये विभिन्न ट्रांजैक्शनों के जरिए निकाल लिए।
शिकायत दर्ज होने के बाद मामला मीरजापुर पुलिस की साइबर सेल को सौंपा गया। साइबर विशेषज्ञों ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, डिजिटल ट्रेल और संबंधित खातों का विश्लेषण करते हुए कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान बैंक और संबंधित वित्तीय संस्थानों से समन्वय स्थापित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ठगी गई रकम में से 5 हजार रुपये होल्ड कराकर पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शेष धनराशि की रिकवरी के लिए भी तकनीकी जांच जारी है। जिन खातों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल ठगी में किया गया, उनकी विस्तृत जांच की जा रही है ताकि आरोपितों तक पहुंचकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
पीड़ित असीम सिंह ने कहा कि साइबर सेल की तत्परता और लगातार प्रयासों के कारण उन्हें अपनी रकम का एक हिस्सा वापस मिल सका है। उन्होंने मीरजापुर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील भी की।
पुलिस की अपील:
मीरजापुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हों तो बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कराकर वापस दिलाने की कार्रवाई की जा सके।