
जिगना थाने की दलाली का कथित ऑडियो वायरल
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
यूट्यूबर, अधिवक्ता व P7 चैनल संचालक पर गंभीर आरोप
जनपद मिर्जापुर के थाना जिगना से जुड़ा एक कथित ऑडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लगभग आठ मिनट के इस ऑडियो में थाना क्षेत्र में दलाली और पैसों के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच तीखी बहस सुनी जा रही है।
वायरल ऑडियो में एक यूट्यूबर, एक अधिवक्ता और पी-7 चैनल के संचालक पर जिगना थाने की दलाली करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बातचीत के दौरान दो हजार, पच्चीस सौ, आठ हजार और साढ़े दस हजार रुपये तक के लेन-देन का जिक्र साफ सुनाई दे रहा है।
ऑडियो में एक पक्ष कहता सुनाई देता है—
“आठ हजार रुपया दिया गया इतना कम? … पैसा हम आपसे ही…”
वहीं दूसरा पक्ष जवाब में कहता है—
“दो हजार भेज दो… पच्चीस सौ भेज दो… दस मिनट के अंदर पैसा भेजो…”
बातचीत के दौरान “हम जानते हैं तू रिकॉर्डिंग करत है… फोन मत बंद कर” और “मामला बाहर मत निकालना, इंस्पेक्टर साहब” जैसी बातें भी साफ सुनाई दे रही हैं।
सूत्रों के अनुसार यह पूरा प्रकरण प्रकाश सिंह टिकैत पर लगे धांधली के आरोप से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि थाने से मामले को निकलवाने और मैनेज करने के नाम पर पीड़ित से पैसे की मांग की गई।
### फर्जी पत्रकारिता से प्रभावित हो रहा सरकारी तंत्र
इस घटना ने एक बड़े सवाल को फिर से खड़ा कर दिया है। जनपद के छानबे क्षेत्र में यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चैनल बनाकर खुद को पत्रकार बताने वाले कुछ लोगों का एक गिरोह सक्रिय है, जो पत्रकारिता की आड़ में थानों की दलाली कर रहा है। इनके द्वारा न केवल पुलिस और थाने की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि सरकारी तंत्र भी प्रभावित हो रहा है। ये लोग मौके पर एक-दूसरे का सहयोग कर चैनल पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं और आम जनमानस को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। इससे वास्तविक और निष्पक्ष पत्रकारों की छवि भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने जिला प्रशासन व पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि—
1. वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कर सत्यता परखी जाए।
2. यदि आरोप सत्य पाए जाएं तो संबंधित यूट्यूबर, अधिवक्ता और चैनल संचालक के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. छानबे क्षेत्र में फर्जी पत्रकार बनकर दलाली करने वाले गिरोह को चिन्हित कर उनके चैनलों की जांच की जाए, ताकि आम जनता का शोषण बंद हो और सरकारी तंत्र की गरिमा बनी रहे।
इस वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि चैनल/अखबार नहीं करता है। यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर जनहित में प्रकाशित किया गया है।