
घुवास में मधु सरिता पाली क्लिनिक और SK पैथोलॉजी लैब की जांच की मांग, CMO को सौंपा शिकायत पत्र
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र अंतर्गत घुवास में संचालित मधु सरिता पाली क्लिनिक एवं SK पैथोलॉजी लैब के कथित अनियमित संचालन को लेकर जांच की मांग उठाई गई है। सामाजिक आरटीआई कार्यकर्ता एवं जनहित से जुड़े नागरिक कमलेश पाण्डेय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), सोनभद्र को शिकायत पत्र देकर दोनों संस्थानों के पंजीकरण, विभागीय अनुमति और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में शिकायत संदर्भ संख्या 40020026022263 का उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग की एक सक्षम टीम गठित कर दोनों संस्थानों का मौके पर निरीक्षण कराया जाए, ताकि उनके संचालन की वास्तविक स्थिति का सत्यापन हो सके। उन्होंने क्लिनिक में उपचार करने वाले चिकित्सक की शैक्षणिक योग्यता, वैध पंजीकरण और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जांच कराने पर जोर दिया है।
इसके साथ ही SK पैथोलॉजी लैब में जांच कार्य करने वाले कर्मचारियों की योग्यता, लैब के पंजीकरण तथा आवश्यक तकनीकी सुविधाओं की भी पड़ताल कराने की मांग की गई है। शिकायत में दोनों संस्थानों में साफ-सफाई, मरीजों की सुरक्षा और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुपालन की जांच कर साक्ष्यों सहित रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध किया गया है।
अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग
कमलेश पाण्डेय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा है कि यदि जांच के दौरान दोनों संस्थानों में बिना वैध पंजीकरण, आवश्यक अनुमति या निर्धारित मानकों के विपरीत संचालन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार उनका संचालन बंद कराने के साथ संबंधित संचालकों के विरुद्ध विधिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा मामला आम नागरिकों के जीवन और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए जांच केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बिंदुवार जांच आख्या उपलब्ध कराने की मांग
शिकायतकर्ता ने संबंधित शिकायत संदर्भ संख्या 40020026022263 को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का आदेश जारी करने की मांग की है। साथ ही जांच में सामने आई कमियों, अनियमितताओं और विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की बिंदुवार लिखित आख्या उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामले में विभागीय जांच और उसके निष्कर्ष सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।