
कोन के ग्लोबल हॉस्पिटल में आशा कार्यकर्ती की मौत का मामला: 25 हजार के इनामी संचालक की निशानदेही पर छह चिकित्सकीय उपकरण बरामद
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
डिलीवरी के दौरान सीमा देवी की मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज, अस्पताल से बरामद उपकरणों को जांच में शामिल किया गया
सोनभद्र। जनपद के कोन थाना क्षेत्र में कथित अवैध अस्पताल में प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्ती सीमा देवी की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस गंभीर प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्लोबल हॉस्पिटल के संचालक एवं 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी डॉ. नसीम अहमद की निशानदेही पर घटनास्थल से छह चिकित्सकीय उपकरण बरामद किए हैं। महिला की मौत के बाद परिजनों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों और अस्पताल में उपचार की व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच पुलिस की इस कार्रवाई को विवेचना की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर बरामद किए गए उपकरणों में ऐलिस, मस्किटो, नीडल होल्डर, सीजर, ब्लेड होल्डर और चिमटी शामिल हैं। बरामदगी से संबंधित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को पुनः जिला कारागार भेजने के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और घटना की परिस्थितियों के आधार पर आगे की जांच में जुटी हुई है।
न्यायालय से कस्टडी रिमांड मिलने के बाद हुई बरामदगी
पुलिस के मुताबिक, कोन थाना क्षेत्र में ग्लोबल हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्ती सीमा देवी की मौत के मामले में अस्पताल संचालक डॉ. नसीम अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि न्यायालय में हाजिर होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), सोनभद्र से कस्टडी रिमांड का आदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद पुलिस आरोपी को जिला कारागार घुरमा से लेकर आई। रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर ग्लोबल हॉस्पिटल स्थित घटनास्थल से छह चिकित्सकीय उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने बरामदगी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को पुनः जिला कारागार भेजने के लिए रवाना कर दिया।
छह चिकित्सकीय उपकरण बरामद, साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी
पुलिस की ओर से की गई बरामदगी में प्रसव अथवा चिकित्सकीय प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले छह उपकरण शामिल बताए गए हैं। इनमें ऐलिस, मस्किटो, नीडल होल्डर, सीजर, ब्लेड होल्डर और चिमटी शामिल हैं। पुलिस इन उपकरणों को मामले से जुड़े साक्ष्यों के रूप में जांच में शामिल कर रही है।
हालांकि, उपकरणों की बरामदगी अपने आप में अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही को अंतिम रूप से साबित नहीं करती। घटना के दौरान किन परिस्थितियों में उपचार किया गया, संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया किसने पूरी की और महिला की मौत के लिए कौन-से कारण जिम्मेदार थे, इन सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। मामले में वास्तविक जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
प्रसव के दौरान हुई थी आशा कार्यकर्ती की मौत, परिजनों ने लगाए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि ग्लोबल हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्ती सीमा देवी की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया था। परिजनों ने अस्पताल संचालक और उसकी टीम पर कथित चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि ऑपरेशन के दौरान महिला का पेट बिना टांके लगाए खुला छोड़ दिया गया और घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के बाद जिम्मेदार लोग वहां से फरार हो गए।
इन आरोपों के सामने आने के बाद अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, उपचार की प्रक्रिया और संबंधित लोगों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठे थे। मामला केवल एक महिला की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अस्पताल के संचालन और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की वैधानिकता एवं गुणवत्ता की जांच की मांग भी महत्वपूर्ण हो गई।
हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। ऐसे में पुलिस की विवेचना के साथ-साथ घटना से संबंधित चिकित्सकीय तथ्यों की निष्पक्ष जांच भी अहम मानी जा रही है।
भारतीय न्याय संहिता और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के तहत मुकदमा
पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की धारा 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी डॉ. नसीम अहमद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी के विरुद्ध एक अन्य मुकदमा भी दर्ज है।
मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ अब पुलिस बरामद उपकरणों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। विवेचना के दौरान यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि अस्पताल में किस प्रकार की चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध थी, उपचार के समय कौन-कौन मौजूद था और घटना के बाद सामने आए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
स्टाफ नर्स सलमा और सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद संचालक पर कार्रवाई
इस प्रकरण में इससे पहले 10 हजार रुपये की इनामी स्टाफ नर्स सलमा और उसकी सहयोगी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मुख्य आरोपी अस्पताल संचालक डॉ. नसीम अहमद को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। अब आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से छह चिकित्सकीय उपकरणों की बरामदगी की गई है।
पुलिस की लगातार कार्रवाई से स्पष्ट है कि मामले में साक्ष्य जुटाने और विवेचना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, सीमा देवी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इन सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में ये रहे शामिल
ग्लोबल हॉस्पिटल से चिकित्सकीय उपकरणों की बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक शिवप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल राम प्रवेश कुशवाहा और हेड कांस्टेबल सर्वेश यादव शामिल रहे।
अब पूरे मामले में पुलिस विवेचना के निष्कर्षों पर नजर रहेगी। आशा कार्यकर्ती सीमा देवी की मौत से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच, उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई इस प्रकरण के महत्वपूर्ण पहलू हैं। मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए घटना की प्रत्येक कड़ी की गंभीरता से जांच किया जाना आवश्यक है।