
डिजिटल तकनीक से संवरेंगे गांव, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी विकास योजनाएं
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
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जमालपुर में पंचायत सचिवों व सहायकों को मिला जीपीडीपी का प्रशिक्षण
मिर्जापुर। ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और ग्राम पंचायतों की योजनाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में मिर्जापुर प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में विकास खंड जमालपुर के ब्लॉक सभागार में पंचायती राज विभाग द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के अंतर्गत ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में क्षेत्र के पंचायत सचिवों एवं पंचायत सहायकों को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने, योजनाओं का ऑनलाइन क्रियान्वयन, डेटा प्रबंधन तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करने की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ खंड विकास अधिकारी डॉ. रक्षित सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में गांवों के विकास की तस्वीर केवल कागजों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से योजनाओं की तैयारी, निगरानी और मूल्यांकन किया जा रहा है। ऐसे में पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सही योजना, सही डेटा और सही क्रियान्वयन ही किसी भी ग्राम पंचायत के समग्र विकास की सबसे बड़ी कुंजी है। यदि ग्राम पंचायत विकास योजना स्थानीय आवश्यकताओं, जनभागीदारी और सटीक आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाएगी, तो विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा तथा आम जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने पंचायत सचिवों एवं पंचायत सहायकों को जीपीडीपी पोर्टल पर कार्य करने, पंचायत प्रोफाइल तैयार करने, सामाजिक एवं आर्थिक आंकड़ों का संकलन, प्राथमिकताओं के अनुसार विकास कार्यों का चयन, ऑनलाइन डेटा फीडिंग, योजना निर्माण की प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना का उद्देश्य प्रत्येक गांव की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, आवास, महिला एवं बाल विकास, कृषि, रोजगार सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए वैज्ञानिक एवं समावेशी योजना तैयार करना है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं तथा ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने सभी पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों से निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए समयबद्ध तरीके से ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शत-प्रतिशत गुणवत्ता के साथ डेटा अपलोड करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा गांवों के समग्र और सतत विकास को नई गति मिलेगी।