
दो साल पहले आते थे चार कैंसर मरीज, अब प्रति सप्ताह आते हैं 20 मरीज
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर। जिले में पुरुषों में मुख कैंसर और महिलाओं में बच्चेदानी और स्तन कैंसर के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। दो साल पहले जब मंडलीय अस्पताल में कैंसर ओपीडी की शुरुआत हुई थी तो सप्ताह में दो से चार मरीज बमुश्किल आते थे पर अब संख्या बढ़ गई है। प्रति ओपीडी 15 से 20 नए कैंसर मरीज मिल रहे हैं। महीने में पांच से छह कैंसर की सर्जरी भी हो रही है।
जिले के कैंसर मरीजों को पहले वाराणसी, प्रयागराज या मुंबई जैसे शहर में जाना पड़ता था। दो साल पहले मंडलीय अस्पताल में कैंसर रोग के वरिष्ठ चिकित्सक व सर्जन डॉ. राजेश सिंह की नियुक्ति हुई। असिस्टेंड प्रो. डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि शुरुआत में मरीज कम आते थे। जानकारी के बाद मरीजों की संख्या बढ़ गई है। गंगा तराई क्षेत्र के आस-पास के इलाकों में सरसों के तेल में बार-बार खाद्य पदार्थ को बनाकर खाने वाले लोग गाल ब्लेडर कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। दुकानों पर जलेेबी, लौंगलता, पकौड़ी आदि सामान को बार-बार उसी तेल में बनाया जा रहा है। जो घातक है। कालीन फैक्टरी में काम करने वाले लोग डाई करते है। वे लोग ब्लड कैंसर के शिकार हो रहे हैं। पान मसाला और गुटखा खाने के चलते मुंह का कैंसर हो रहा है। महिलाओं में बच्चेदानी और स्तन कैंसर हो रहा है। जिले में जो मरीज आ रहे है वो एडवांस स्टेज पर जा रहे है। इसलिए समस्या हो तो अस्पताल के ओपीडी में आकर दिखाएं।