• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
अवैध तरीके से खंभों पर निजी इंटरनेट व एंटिना के केबल बिछा कर दुर्घटना को दे रहे दावत

अवैध तरीके से खंभों पर निजी इंटरनेट व एंटिना के केबल बिछा कर दुर्घटना को दे रहे दावत


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

अवैध तारों का जाल: बीएसएनएल के खंभों पर निजी इंटरनेट व एंटिना के केबल बिछाने का खुलासा — मिर्ज़ापुर,मिर्जापुर। पूरी नगरी क्षेत्र में बीएसएनएल के पुराने टेलीफोन खंभों का दुरुपयोग कर अवैध तारों का विस्तृत जाल बिछाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों ने बताया कि जिन खंबों पर पहले बीएसएनएल के पारंपरिक टेलीफोन कनेक्शन लगे होते थे, उन्हीं खंभों का सहारा लेकर देश एंटिना/एंटेना नामक केबल और कई निजी इंटरनेटप्रदाताओं ने अपने तार — कॉल केबल, फ़ाइबर/इंटरनेट केबल व सिग्नल एंटेना की तारें — बिना किसी अनुमति के फैला दी हैं।

 

घटना की मुख्य बात यह है कि ये तार सीधे सरकारी/प्राधिकृत नेटवर्क से जोड़कर क्षेत्र में अवैध तरीके से फैलाए गए हैं। इससे न केवल संचार नेटवर्क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है बल्कि विद्युत सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम पैदा हो गया है। मिर्जापुर शहर कोतवाली क्षेत्र में कटरा कोतवाली थाना क्षेत्र में देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के कई इलाकों में जिसमें पक्के घाट पुरानी बजाजी बसनहीं बाजार स्थानीय के निवासियों ने बताया कि कई जगहों पर तार अराजक रूप से लटके हुए हैं, छतों व गलियों में खामी पैदा कर रहे हैं और मानसून में शॉर्ट सर्किट व दुर्घटना का भय भी बना रहता है।

 

कानूनी पहलू — विशेषज्ञों ने कहा कि बिना अनुमति किसी अधिकृत लाइन से जोड़ना तथा सार्वजनिक संपत्ति (जैसे बीएसएनएल के खंभे) का दुरूपयोग करना भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और संबंधित दूरसंचार नियमन के उल्लंघन के दायरे में आता है। इसके अलावा लोक सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन माना जा सकता है, जिसके लिए संबंधित विभागों द्वारा तुरंत जांच व आवश्यक कार्यवाही आवश्यक है।स्थानीय प्रतिक्रियाएँ — क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, बीएसएनएल अधिकारियों और दूरसंचार नियामक कार्यालय से इस मामले की त्वरित जांच और अवैध केबलों को हटाने की अपील की है, साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .