
मिर्जापुर में मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया और दान-पुण्य के कार्य किए। युवाओं में पतंगबाजी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। यह पर्व हेमंत ऋतु के अंत और शिशिर ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। इस दिन गुड़ और तिल का दान तथा सेवन धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टियों से लाभकारी माना जाता है।पर्व के दौरान युवाओं में पतंगबाजी का खासा उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगी पतंगें आसमान में कलाबाजियां करती रहीं। पतंग काटने और कटी पतंगों को पकड़ने की होड़ दिनभर चलती रही, जिससे माहौल जीवंत बना रहा। RUN मकर संक्रांति जैसे सनातन पर्व केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि इनके पीछे गहरे वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी रहस्य भी छिपे हैं। इन पर्वों का पालन सुख, शांति और स्वास्थ्य की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।