
साइबर अपराध की रोकथाम हेतु जनपद पुलिस का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम – पुलिस लाइन चुर्क में जारी “डिजिटल अपराधियों पर डिजिटल
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247साइबर अपराध की रोकथाम हेतु जनपद पुलिस का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम – पुलिस लाइन चुर्क में जारी “डिजिटल अपराधियों पर डिजिटल वार”
– साइबर क्राइम से निपटने के लिए सोनभद्र पुलिस का हाई-टेक ट्रेनिंग अभियानतेजी से बदलते डिजिटल युग में जहां अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर नई-नई ठगी और धोखाधड़ी की वारदातें कर रहे हैं, वहीं सोनभद्र पुलिस भी अपनी तकनीकी क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अशोक कुमार मीणा के नेतृत्व व मार्गदर्शन में थाना साइबर सेल के सुदृढ़ीकरण और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से, पुलिस लाइन चुर्क स्थित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब में Cyber Crime Training (CyTrain) का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है।प्रशिक्षण का मुख्य फोकस-*
यह प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि फील्ड-ओरिएंटेड, प्रैक्टिकल बेस्ड और केस-स्टडी ड्रिवन है। इसमें प्रतिभागियों को निम्न बिंदुओं पर गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है –
1. 1930 साइबर हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का तुरंत पंजीकरण, ट्रैकिंग और पीड़ित को त्वरित सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया।
2. NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर केस एंट्री, डेटा एनालिसिस, साक्ष्य अपलोड और केस निस्तारण की तकनीक।
3. JMIS पोर्टल पर जांच, रिपोर्ट तैयार करने और अभियोजन की दिशा में डिजिटल कार्यवाही की चरणबद्ध विधि।
4. फिशिंग, OTP फ्रॉड, ई-वॉलेट हैक, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग, ऑनलाइन स्कैम, क्रिप्टो फ्रॉड जैसे अपराधों की पहचान, डिजिटल फुटप्रिंट ट्रेसिंग और नेटवर्क ब्लॉकिंग की रणनीति।
5. साइबर जागरूकता अभियान की आधुनिक तकनीकें, ताकि आमजन को “रोकथाम ही सर्वोत्तम सुरक्षा” के सिद्धांत से जोड़ा जा सके।
* पुलिस अधीक्षक के निर्देश-*
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने प्रशिक्षण के दौरान सभी अधिकारियों व कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि “साइबर अपराध में देरी, अपराधी को बढ़त देती है। हर शिकायत पर हमारी प्रतिक्रिया तेज, सटीक और तकनीकी रूप से मजबूत होनी चाहिए। पीड़ितों को त्वरित राहत देना और अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना ही हमारी प्राथमिकता है।”
* प्रशिक्षण का महत्व-*
थाना साइबर सेल की कार्यक्षमता में कई गुना वृद्धि होगी।
जटिल साइबर अपराध मामलों में डिजिटल साक्ष्य जुटाने और रियल-टाइम एक्शन लेने की क्षमता बढ़ेगी।
पुलिस बल में टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली सोच विकसित होगी।
नागरिकों का पुलिस पर भरोसा और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता, दोनों में इजाफा होगा।
निष्कर्ष*
यह हाई-टेक प्रशिक्षण अभियान न केवल कानून-व्यवस्था को डिजिटल युग के अनुरूप बनाने का प्रयास है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि –“सोनभद्र पुलिस हर नागरिक के डिजिटल जीवन की सुरक्षा के लिए, तकनीक और संकल्प – दोनों से लैस है।