
सोनभद्र। करीब साढ़े छह साल पहले 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है।
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को दोषी शिव कुमार खरवार को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 1 लाख 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 31 मई 2019 का है। जुगैल थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया था कि शिव कुमार खरवार (पुत्र सोमारू, निवासी घटिहटा, थाना जुगैल, जिला सोनभद्र) उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी को शाम 4 बजे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन बेटी का पता नहीं चला। पिता की तहरीर पर जुगैल पुलिस ने 10 जून 2019 को प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने शिव कुमार खरवार के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में अदालत मेंमामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। इसके अतिरिक्त, 9 गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने शिव कुमार खरवार (40 वर्ष) को दोषी पाया। अदालत ने उसे 20 वर्ष की कठोर कैद और 1 लाख 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड की कुल धनराशि में से 1 लाख रुपए पीड़िता को दिए जाएंगे। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने इस मामले में बहस की।