
वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर छाया अंधेरा, 54 पथ प्रकाश लाइटें बंद
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
कई जगह दो से चार खंभों की लाइटें एक साथ खराब, चार खंभे जमींदोज होने के बाद भी नहीं हुए स्थापित
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर से होकर गुजरने वाले वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर रात में सफर करने वाले राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सड़क को रोशन करने के लिए लगाए गए पथ प्रकाश के इंतजाम खुद ही अंधेरे में हैं। नगर पालिका की 54 और फ्लाईओवर पर उपसा की 10 लाइटें बंद पड़ी हैं। कई स्थानों पर दो, तीन और चार खंभों की लाइटें एक साथ खराब होने से राजमार्ग के बड़े हिस्से में रात होते ही अंधेरा छा जाता है। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर खंभे जमींदोज होने के बाद दोबारा स्थापित तक नहीं किए गए हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
रविवार रात संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने की पड़ताल
रविवार रात संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने सर्किट हाउस से फ्लाईओवर होते हुए चंडी तिराहा और फिर शाहगंज रजवाहा तक राजमार्ग की पथ प्रकाश व्यवस्था की पड़ताल की। इस दौरान कई स्थानों पर लाइटें बंद मिलीं। कहीं एक-दो लाइटें खराब थीं तो कई जगह लगातार कई खंभों की लाइटें एक साथ बंद मिलीं। अंधेरे हिस्सों से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता दिखा।
उरमौरा से कलक्ट्रेट मोड़ तक 26 लाइटें बंद
नगर पालिका की ओर से कीर्ति पॉली हॉस्पिटल से उरमौरा ढाबा होते हुए सर्किट हाउस तक करीब 150 खंभे लगाए गए हैं, जिन पर लगभग 300 लाइटें लगी हैं। पड़ताल के दौरान अकेले उरमौरा ढाबा से कलक्ट्रेट मोड़ तक 13 खंभों पर लगी 26 लाइटें बंद मिलीं।
उरमौरा ढाबा के पास तीन खंभों की लाइटें खराब मिलीं, जबकि एक खंभा जमीन पर गिरा पड़ा था। कलक्ट्रेट मोड़ पर चार खंभों की लाइटें एक साथ बंद थीं। मेडिकल कॉलेज मोड़ के पास एक खंभे पर लगी दोनों लाइटें खराब मिलीं। वहीं भेलाही बंधी के पास चार खंभों की लाइटें एक साथ बंद मिलीं। यहां एक खंभा जमींदोज होने के बाद अब तक दोबारा नहीं लगाया गया है। सर्किट हाउस के आसपास भी पथ प्रकाश की कई लाइटें खराब मिलीं।
इस तरह उरमौरा ढाबा से सर्किट हाउस तक करीब 25 खंभों की लाइटें खराब मिलीं। इनमें जमींदोज हुए चार खंभे भी शामिल हैं।
चंडी तिराहा से शाहगंज रजवाहा तक भी हाल बेहाल
चंडी तिराहा से शाहगंज रजवाहा तक नगर पालिका की ओर से 23 खंभों पर पथ प्रकाश लाइटें लगाई गई हैं। पड़ताल में चंडी तिराहा के पास ही दो खंभों पर लगी चार लाइटें बंद मिलीं। इस तरह पूरी पड़ताल के दौरान राजमार्ग पर नगर पालिका की करीब 27 खंभों पर लगी 54 लाइटें बंद पाई गईं।
फ्लाईओवर पर उपसा की 10 लाइटें भी बंद
राजमार्ग के फ्लाईओवर पर लगी उपसा की पथ प्रकाश व्यवस्था भी बदहाल नजर आई। यहां 10 लाइटें बंद मिलीं। इससे फ्लाईओवर के कुछ हिस्सों में भी पर्याप्त रोशनी नहीं मिल पा रही है। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच खराब प्रकाश व्यवस्था दुर्घटना का कारण बन सकती है।
तिरंगा झालर भी बनी शोपीस
राजमार्ग को रोशन करने के साथ आकर्षक बनाने के लिए खंभों पर लगाई गई तिरंगा झालर भी कई स्थानों पर गायब है। अधिकांश खंभों पर लगी झालर खराब हो चुकी है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई सजावटी व्यवस्था भी अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही है।
अंधेरे में सफर, हादसे का खतरा
राजमार्ग पर रात के समय वाहनों का आवागमन काफी रहता है। खराब पथ प्रकाश व्यवस्था के कारण कई हिस्सों में सड़क और उसके किनारे का क्षेत्र स्पष्ट नजर नहीं आता। खासकर दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल राहगीरों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और संबंधित विभाग से बंद पड़ी लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराने तथा जमींदोज खंभों को दोबारा स्थापित कराने की मांग की है, ताकि राजमार्ग पर रात में सफर सुरक्षित हो सके।