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मिर्जापुर: गुर्गी पशु आश्रय स्थल का एसडीएम व बीडीओ ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

मिर्जापुर: गुर्गी पशु आश्रय स्थल का एसडीएम व बीडीओ ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

मिर्जापुर जनपद की लालगंज तहसील क्षेत्र स्थित गुर्गी पशु आश्रय स्थल का मंगलवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अजीत कुमार एवं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विमल प्रकाश पाण्डेय ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आश्रय स्थल पर संरक्षित गोवंशों के रख-रखाव, चारा-पानी, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने आश्रय स्थल में मौजूद गोवंशों की वास्तविक संख्या का सत्यापन किया तथा उनके लिए उपलब्ध हरा चारा, भूसा, पेयजल, टिन शेड और बरसात के मौसम में सुरक्षा संबंधी इंतजामों का भी जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से बीमार एवं कमजोर गोवंशों के उपचार की व्यवस्था की जानकारी ली और समय पर पशु चिकित्सक द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम अजीत कुमार ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि पशु आश्रय स्थलों में संरक्षित प्रत्येक गोवंश को पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आश्रय स्थल की नियमित साफ-सफाई, पशुओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी तथा सभी व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

बीडीओ विमल प्रकाश पाण्डेय ने भी आश्रय स्थल के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गोवंशों की देखभाल पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पालन किया जाए तथा किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसका समय रहते समाधान कराया जा सके।

निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि पशु आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जाए और गोवंशों के संरक्षण एवं उनके बेहतर रख-रखाव में किसी भी प्रकार की कमी न आने पाए। शासन की मंशा के अनुरूप गोवंशों के सुरक्षित एवं बेहतर पालन-पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।


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