
विंध्यवासिनी धाम में सावन मेले का शुरू !अव्यवस्था का आलम, जनप्रतिनिधि और प्रशासन बेखबर
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
*विंध्य धाम!*
पावन श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो चुका है। लेकिन विंध्याचल की वर्तमान स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस धार्मिक नगरी से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया है।
तमाम दावों और बैठकों के बावजूद धरातल पर अव्यवस्था चरम पर है। विंध्याचल की मुख्य गलियों और स्टेशन रोड की जर्जर सड़कें देवी भक्तों और स्थानीय निवासियों को केवल दर्द दे रही हैं। राम जानकी मंदिर के पास और प्रमुख मार्गों पर मलमूत्र युक्त गंदा पानी बह रहा है। गंगा घाटों पर कचरे का अंबार लगा है और पूरा विंध्यवासिनी धाम अंधेरे व गंदगी के साए में जीने को मजबूर है।
विडंबना यह है कि मुख्यमंत्री की आस्था के इस प्रमुख केंद्र की उपेक्षा लगातार जारी है। समाचार पत्रों में रोज बदहाली की खबरें छप रही हैं, लेकिन सिस्टम की ढिठाई कम होने का नाम नहीं ले रही। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी द्वारा गंगा घाटों का निरीक्षण कर खींची गई तस्वीरें केवल सोशल मीडिया और मीडिया तक ही सीमित रह गई हैं, हकीकत में कोई सुधार नहीं हुआ।
स्थानीय जनता और बाहर से आने वाले भक्तों का आरोप है कि न तो नगर पालिका अध्यक्ष को इस बदहाली से कोई सरोकार है और न ही अधिशासी अधिकारी को। जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाए जा रहे जनता दरबार भी केवल व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर फोटो खिंचवाने का माध्यम बनकर रह गए हैं, जो जनता के अरमानों पर सीधा कुठाराघात है।
सत्ता और व्यवस्था के नशे में चूर रहनुमाओं की इस बेरुखी का खामियाजा उन मासूम देवी भक्तों को भुगतना पड़ रहा है, जो बड़ी आस्था के साथ मां के दरबार में हाजिरी लगाने आ रहे हैं। अगर समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह उपेक्षा किसी बड़े हादसे या बीमारी का कारण बन सकती है। गंगा घाट ऊपर जम के चोरी हो रही है कहीं दर्शनार्थियों का पैसा चोरी हो रहा है कहीं कीमती मोबाइल सुरक्षा के इंतजाम में पुलिस प्रशासन की एकदम पीछे है! पुलिस तक इसकी सूचना पहुंच रही है लेकिन मायूस होकर देवी के भक्त अपने घर को वापस हो रहे हैं?