
सेप्टिक टैंक में गिरकर दो मासूमों की मौत पर एनएचआरसी ने दिया नोटिस
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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सोनभद्र। विंढमगंज थाना क्षेत्र के केवाल गांव में दिसंबर 2024 में अचानक सेप्टिक टैंक का ढक्कन टूटने से उसमें गिरकर हुई पांच वर्षीय दो मासूमों की मौत के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। जिला प्रशासन की तरफ से चार-चार लाख मुआवजे की उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट अपर्याप्त मानते हुए नोटिस जारी किया गया है। राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है कि इस मामले में मृतक बच्चों के परिजनों के लिए 10-10 लाख मुआवजे की अनुशंसा क्यों न कर दी जाए। चार सप्ताह में जवाब देना होगा।चंदौली में चकिया क्षेत्र के रहने वाले योगेंद्र कुमार सिंह ने 10 जनवरी 2025 को इस मामले में मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। प्रकरण में 10 सितंबर को सुनवाई करते हुए आयोग ने डीएम को निर्देश दिया कि वह इस मामले की जांच करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आयोग के निर्देशों के अनुपालन में एसडीएम ने 30 अक्तूबर के पत्र के माध्यम से अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की। इसके जरिये अवगत कराया गया कि 17 दिसंबर 2024 को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लगभग पांच वर्ष की आयु के दो नाबालिग एक सेप्टिक टैंक के अंदर गिर कर डूब गए। उनके कानूनी वारिसों को चार-चार लाख की वित्तीय सहायता प्राकृतिक आपदा राहत कोष के जरिए उपलब्ध कराई जा चुकी है। रिपोर्ट को दृृष्टिगत रखते हुए गत नौ मार्च को इस मामले की सुनवाई की गई। आयोग ने पाया कि यह घोर लापरवाही है। इसके लिए सरकारी तंत्र परोक्ष रूप से उत्तरदायी है क्योंकि इसमें दोनों मृतकों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए पूछा गया है कि मृतक के परिजनों (कानूनी वारिसों) को भुगतान की जाने वाली 4 लाख की मुआवजा राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की अनुशंसा क्यों न कर दी जाए। इसके संबंध में चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।