• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
सोनभद्र में 3 साल बाद खुलासा: सड़क हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या थी हिस्ट्रीशीटर की मौत

सोनभद्र में 3 साल बाद खुलासा: सड़क हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या थी हिस्ट्रीशीटर की मौत


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

बेटे की हत्या का बदला लेने के लिए पिता ने रची खौफनाक साजिश, ट्रक से कुचलवाकर कराई हत्या

सोनभद्र। जिले के पेढ़ गांव में तीन साल पहले हुए कथित सड़क हादसे का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हिस्ट्रीशीटर राजेश यादव की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित हत्या थी। इस हत्याकांड के पीछे एक पिता का बदला लेने का खौफनाक प्लान था।

पुलिस ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए ट्रक चालक अभय पाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता मंगल पाल और उसका साथी अशोक मांझी अभी फरार हैं। दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।

बेटे की हत्या का बदला बना साजिश की वजह

एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि 5 मार्च 2023 को मंगल पाल के 9 वर्षीय इकलौते बेटे अनुराग का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पेढ़ गांव का ही राजेश यादव मुख्य आरोपी था। जमानत पर छूटने के बाद ही मंगल ने बदला लेने की ठान ली और राजेश की हत्या की साजिश रच डाली।

4.30 लाख में खरीदा ट्रक, रची गई मौत की पटकथा

मंगल ने अपने फुफेरे भाई अभय पाल (ट्रक चालक) और साथी अशोक मांझी के साथ मिलकर मिर्जापुर के राजगढ़ क्षेत्र से 4.30 लाख रुपये में एक पुराना ट्रक खरीदा। ट्रक को किसी और के नाम से खरीदकर अभय के घर पर खड़ा कर दिया गया, ताकि किसी को शक न हो।

15 दिन तक रेकी, फिर मौका मिलते ही कुचल दिया

करीब 15 दिनों तक राजेश यादव की हर गतिविधि पर नजर रखी गई। 8 दिसंबर की सुबह योजना के तहत ट्रक को घोरावल-कलवारी मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास खड़ा किया गया। जैसे ही राजेश अपनी कार से निकला, अशोक बाइक से पीछे लग गया।

घोरावल-खुटहा बाईपास पर पहुंचते ही तेज रफ्तार ट्रक से उसकी कार में जोरदार टक्कर मारी गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एयरबैग खुलने के बावजूद राजेश की मौके पर ही मौत हो गई।

साक्ष्यों ने खोला राज, हादसे पर शुरू से था शक

घटना के बाद पोस्टमार्टम में शरीर में कांच के टुकड़े मिलने और घटनास्थल के हालात ने पुलिस के शक को गहरा कर दिया था। बाद में राजेश के भाई द्वारा दी गई तहरीर और एक ऑडियो क्लिप के आधार पर जांच की दिशा बदल गई।

फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने विशेष टीम का गठन किया। सीओ राहुल पांडेय की निगरानी में जांच आगे बढ़ाई गई। फिलहाल मुख्य आरोपी मंगल पाल और अशोक मांझी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

निष्कर्ष:

यह मामला न सिर्फ एक हत्या, बल्कि बदले की आग में रची गई सुनियोजित साजिश का उदाहरण है, जिसने तीन साल तक पुलिस और लोगों को गुमराह किया। अब सच्चाई सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .