
सोनभद्र में पेयजल संकट का होगा स्थायी समाधान, छह नई परियोजनाओं को शासन की मंजूरी
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
रेणुकूट, अनपरा, ओबरा, पिपरी समेत कई नगरीय क्षेत्रों में मजबूत होगी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था
सोनभद्र में आमजन को पर्याप्त और सुचारु पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शासन ने जिले में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए छह नई पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेणुकूट, अनपरा, ओबरा, पिपरी, चुर्क समेत अन्य नगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे गर्मी और अन्य मौसम में उत्पन्न होने वाले जल संकट से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि शासन स्तर से विभिन्न नगरीय पेयजल परियोजनाओं के लिए कच्चा जल उपलब्ध कराने की स्वीकृति दे दी गई है। इसके तहत रिहंद, धनरौल और ओबरा बांधों के साथ ही रेणु नदी से कच्चा जल लिया जाएगा। साथ ही संबंधित पेयजल परियोजनाओं के लिए इनटेक वेल के निर्माण को भी शासन ने सहमति प्रदान की है।
स्वीकृत योजना के अनुसार पिपरी नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए रिहंद बांध से प्रतिदिन 6.53 एमएलडी कच्चा जल उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं ओबरा नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए ओबरा बांध से 21.47 एमएलडी तथा अनपरा नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए रिहंद बांध से 30 एमएलडी कच्चा जल लिया जाएगा।
इसी क्रम में चुर्क नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए धनरौल बांध से 2.77 एमएलडी कच्चा जल उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है। अन्य स्वीकृत परियोजनाओं के माध्यम से भी नगरीय क्षेत्रों में पेयजल संसाधनों को मजबूत किया जाएगा।
शासन की इस पहल से सोनभद्र के तेजी से विकसित हो रहे नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद लोगों को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था और बेहतर होगी। इससे जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शासन की स्वीकृति के अनुरूप परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने तथा निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।