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दो भाइयों के विवाद में फंसा महाविद्यालय के छात्रों का भविष्य

दो भाइयों के विवाद में फंसा महाविद्यालय के छात्रों का भविष्य


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

परीक्षा को लेकर छात्रों की बढ़ी चिंता

 

 

 

रेणुकूट क्षेत्र के खाड़पाथर स्थित बाबूराम सिंह महाविद्यालय में दो भाइयों के बीच चल रहा विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस पारिवारिक विवाद का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा पर पड़ रहा है, जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में नजर आ रहा है। सोमवार को भी इस पूरे मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका, जिससे छात्रों और अभिभावकों में निराशा का माहौल बना हुआ है।

सोमवार सुबह करीब 8 बजे ही बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षक और नगर पंचायत अध्यक्ष ममता सिंह, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सिंह उप जिलाधिकारी के आवास पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराया। उप जिलाधिकारी ने सभी को आश्वासन देते हुए थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक से इस संबंध में बातचीत करने की सलाह दी।

महाविद्यालय के प्राचार्य ने उप जिलाधिकारी को बताया कि कॉलेज में अराजक तत्वों द्वारा कई कमरों और स्ट्रांग रूम के ताले तोड़ दिए गए हैं। इतना ही नहीं महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी नष्ट कर जला दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक छात्रों का अगला पेपर करा पाना संभव नहीं है। प्राचार्य ने आरोप लगाया कि पिपरी पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उप जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी छात्र, अभिभावक और शिक्षक पिपरी थाने पहुंचे, जहां क्राइम इंस्पेक्टर हरेंद्र यादव ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी परीक्षा हर हाल में कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे सुबह 10 बजे के बाद महाविद्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पुलिस उपाधीक्षक हर्ष पांडे से मिला। वहां भी प्राचार्य ने एफआईआर दर्ज न होने की शिकायत दोहराई, जिस पर सीओ ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद सभी लोग महाविद्यालय पहुंचे, जहां पिपरी थाना प्रभारी प्रणय प्रसून श्रीवास्तव और क्राइम इंस्पेक्टर हरेंद्र यादव की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। हालांकि, घंटों चली वार्ता के बावजूद कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। अंततः निराश होकर छात्र, अभिभावक और शिक्षक वापस लौट गए। छात्रों के बीच अब यह चिंता गहराती जा रही है कि मात्र दो दिनों बाद उनकी परीक्षा शुरू होने वाली है, लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। ऐसे में उनके भविष्य को लेकर असमंजस और तनाव का माहौल बना हुआ है।


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