
पांच लाख पाउंड के चक्कर में शिक्षक से डेढ़ करोड़ की ठगी
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर (अदलहाट)। चुनार के सहसपुरा निवासी सेवानिवृत शिक्षक राजनाथ सिंह से डेढ़ करोड़ की ठगी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित प्रवक्ता ने साइबर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद ऑनलाइन माध्यम से काम की तलाश कर रहे थे। एक साल पहले फेसबुक से एक महिला एना अफोंसो से दोस्ती हुई। महिला ने रियल स्टेट में पांच लाख पाउंड लगाने का लालच देकर शिक्षक को अपने जाल में फंसायापांच लाख पाउंड के डिमांड ड्राफ्ट में तकनीकी समस्या होेने पर रिजर्व बैंक में जमा होने पर उसे भुनाने के लिए अलग-अलग खातो में विभिन्न शुल्क के रूप में डेढ़ करोड़ रुपये जमा करा लिए। इसके बाद फिर से 2.70 लाख की मांग की गई। पीड़ित ने इसकी जानकारी अधिवक्ता को दी तब ठगी का पता चला।
करेंसी एक्सचेंज के नाम पर कई किस्त में लिए रुपये : सेवानिवृत्त शिक्षक ने बताया कि महिला ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया। बातचीत में उसने भारत में रियल इस्टेट में निवेश करने की इच्छा जताई।
उसने चार अक्तूबर 2024 को मैसेज कर बताया कि वो भारत आई है। मुंबई के अंतर राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर है। उसने बताया कि उसके द्वारा लाए गए पांच लाख पाउंड (5 करोड़ 56 लाख) के डिमांड ड्राफ्ट को कैश कराने में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है।
जिसे कस्टम विभाग के निर्देश पर वह रिजर्व बैंक की शाखा में फोरेन रेमिटेंस विभाग में जमा कर दी है। इसके बाद सात अक्तूबर 2024 को पीड़ित को एक ई-मेल आया। जिसमें लिखा था कि आपके नाम से डिमांड ड्राफ्ट जमा किया गया है। इसके लिए करेंसी कंवर्जन शुल्क जमा करना है।
उसके बाद आए दिन किसी न किसी शुल्क के बावत अलग-अलग विभाग के नाम से फोन और ई-मेल आते रहे। पीड़ित साढ़े चार बीघा जमीन बेचकर और अन्य लोगों से पैसा उधार लेकर भुगतान करता रहा। वह स्वयं के खाते से डेढ़ करोड़ का भुगतान किया गया।