
जमालपुर में नहीं थमी बाढ़, 36 गांव चार से पानी में घिरे
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
अहरौरा। जमालपुर में बाढ़ के हालात की विनाश लीला से फसलों की बर्बादी तथा जलप्लावन से गांव की आबादी को बचाने में नाकाम हो रहा विभाग डेटा की कोशिशों के बाद आंकड़ों की बाजीगरी का खेल खेलने पर उतारू हो गया है। नहरों के तटबंध तोड़कर गांव में पानी की दिशा को मोड़ने का षड्यंत्र किया जा रहा है।अहरौरा जलाशय से फटकों के खोलने में भी साइलेंट आदेश का मामला चल रहा है। जल निकासी में डेटा के जरिए दामन बचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मिले निर्देशों का पालन करने में सिंचाई विभाग मशगूल है। स्थितियों पर नजर डाले तो जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार रविवार की शाम 5 बजे बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर अहरौरा जलाशय पहुंचे तथा बाढ़ प्रभावित जमालपुर क्षेत्र को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चार घंटे के लिए जलाशय के सभी गेट बंद करने के निर्देश दिए। परंतु झील क्षेत्र तथा डोगिंया छलके की ओर से जलाशय में बढ़ते पानी के दबाव से बचने के लिए रविवार की देर रात नौ बजे से ही 832 क्यूसेक पानी तीन फाटकों को खोलकर छोड़ दिया गया। सोमवार की भोर में तीन बजे दो फीट तक पानी डिस्चार्ज कर दिया गया। जिसने बाढ़ प्रभावित इलाके जमालपुर के कई अन्य गांव में भी घुसकर संकट खड़ा कर दिया है। किसानों का आरोप है कि शनिवार को एक इंच से छह इंच तक 22 गेट खोलकर तकरीबन पांच हजार चार सौ बत्तीस क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था। सोमवार को जमालपुर इलाके में बाढ़ से राहत दिलाने की आड़ में तीन गेट एक फीट तक खोलकर कमोबेश उतना ही पानी डिस्चार्ज किया जाता रहा। इसके बावजूद जलाशय के लेवल में कमी नहीं आ सकी है। हालांकि विभाग रात में छोड़े गए पानी को लेकर इनकार कर रहा है। परंतु आवक में कमी नहीं हुई तो जलाशय का लेवल मेंटेन कैसे हुआ। कोई बता नहीं पा रहा है। जलप्लावन की विभिषिका जमालपुर के डूब क्षेत्र में कहर ढा रही है।
अहरौरा जलाशय से फटकों के खोलने में भी साइलेंट आदेश का मामला चल रहा है। जल निकासी में डेटा के जरिए दामन बचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मिले निर्देशों का पालन करने में सिंचाई विभाग मशगूल है। स्थितियों पर नजर डाले तो जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार रविवार की शाम 5 बजे बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर अहरौरा जलाशय पहुंचे तथा बाढ़ प्रभावित जमालपुर क्षेत्र को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चार घंटे के लिए जलाशय के सभी गेट बंद करने के निर्देश दिए। परंतु झील क्षेत्र तथा डोगिंया छलके की ओर से जलाशय में बढ़ते पानी के दबाव से बचने के लिए रविवार की देर रात नौ बजे से ही 832 क्यूसेक पानी तीन फाटकों को खोलकर छोड़ दिया गया। सोमवार की भोर में तीन बजे दो फीट तक पानी डिस्चार्ज कर दिया गया। जिसने बाढ़ प्रभावित इलाके जमालपुर के कई अन्य गांव में भी घुसकर संकट खड़ा कर दिया है। किसानों का आरोप है कि शनिवार को एक इंच से छह इंच तक 22 गेट खोलकर तकरीबन पांच हजार चार सौ बत्तीस क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था। सोमवार को जमालपुर इलाके में बाढ़ से राहत दिलाने की आड़ में तीन गेट एक फीट तक खोलकर कमोबेश उतना ही पानी डिस्चार्ज किया जाता रहा। इसके बावजूद जलाशय के लेवल में कमी नहीं आ सकी है। हालांकि विभाग रात में छोड़े गए पानी को लेकर इनकार कर रहाणे है। परंतु आवक में कमी नहीं हुई तो जलाशय का लेवल मेंटेन कैसे हुआ। कोई बता नहीं पा रहा है। जलप्लावन की विभिषिका जमालपुर के डूब क्षेत्र में कहर ढा रही है।
बारिश में कमी हुई है राहत के आसार हैं यहीं स्थिति बनी रही तो हालात सामान्य हो जाएंगे। सिंचाई विभाग की टीम अहरौरा जलाशय, जरगो तथा डोंगिया जलाशय के कैंप पर लगातार मौजूद है जो स्थितियों पर नजर रख रही है। पानी के आवक में कमी हुई है। डिस्चार्ज भी कम किया जा रहा है।
हरिशंकर प्रसाद, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड चुनार।
चार गेट खोलकर निकाला जा रहा है 44 सौ क्यूसेक पानी
अहरौरा। जलाशय में डोंगिया के छलके तथा पहाड़ी झील क्षेत्रों से लगातार हो रही पानी के आवक की बढ़ोत्तरी थम नहीं रही है। जिसने जलाशय पर बाढ़ से निजात दिलाने के लिए कैंप कर रहे विभागीय अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी है। सोमवार की शाम तक एक बार फिर जलाशय का जलस्तर 359.2 हो चुका है। जलाशय का गेट खोलकर बिना जल निकासी किए जलस्तर को बनाए रखना मुश्किल है।
चकिया मार्ग पर तीन दिन से आवागमन बाधित
अहरौरा। अहरौरा-चकिया मुख्यमार्ग पर मदारपुर गांव के पास पुल पर चार फीट तक पानी के बहाव का दबाव बना हुआ है। अदलहाट या ऊंचाई पर बसे अन्य गांव के रास्तों से तकरीबन 40 किलोमीटर घूम कर लोगों को मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है। लगातार तीन दिन से पुलिस की तैनाती कर आवागमन पर रोक लगाई गई है। क्षेत्र के गौसपुर, मदारपुर, अकबरपुर के पास पुलिया पर दो मीटर की ऊंचाई से पानी गिर रहा हैं। जिसकी वजह से इन गांवों में आवाजाही बाधित हुई हैं।
जरगो जलाशय के बंद कर दिए गए फाटक, मिली राहत
अहरौरा। जरगो जलाशय का जलस्तर मानक के अनुरूप होने पर सोमवार को खोले गए सभी चारों फाटक को बंद कर दिया गया है। जलाशय के कैचमेंट एरिया से सामान्य पानी की आवक बनी हुई है 320 फीट की क्षमता वाले जरगो जलाशय में 318 फीट का जलस्तर रखा गया है। इन क्षेत्रों में किसानों को राहत मिल गई है।
पांच स्थानों पर गरई नदी का तटबंध टूटा
जमालपुर। पांच स्थानों पर गर॓ई नदी का तटबंध टूट गया है। इससे लगातार पानी बह रहा है। अधिकारियों ने पानी डायवर्ट कर अन्य क्षेत्र में कर दिया। करजी तटबंध के पानी को भाईपुर जरगो में रात में कटिंग कर दी गई। पानी से घिरे संपर्क मार्गो के चलते ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो गया है।
कच्चे मकान हुए जमींदोज
जमालपुर। करजी, हसौली व ओड़ी में तटबंध से नीचे नदी का पानी जाने से राहत मिली है। गोगहरा बियार बस्ती में महेश बियार का मकान पानी से गिर गया। अजीत बियार, आजाद बियार, ललते बियार का मकान गिर गया। हसौली में बाढ़ के पानी से सुरेंद्र भारती, कुमार भारती, रामविलास भारती, संजय भारती विजय बियार का मकान गिर गया है।
सपा नेताओं ने बाढ़ पीड़ितों का जाना हाल
जमालपुर। समाजवादी पार्टी के विधान सभा अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने जमालपुर ब्लॉक के जादोपुर, दोहरी, जगदीशपुर, चारगोडा, जफरपुर, गोगहरा, जमूडी, औरैया सहित अन्य गांवों का भ्रमण कर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। सपा नेताओं ने जलमग्न हुई फसलों तथा बेघर हुए लोगों को तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा वितरित करने की मांग किया है। इस दौरान पूर्व विधायक चुनार जगदंबा सिंह पटेल, विजय सिंह, दिनेश, रफीक अहमद आदि मौजूद रहे।
चुनार विधायक ने हर संभव मदद दिलाने का दिया भरोसा
अदलहाट। चुनार भाजपा विधायक अनुराग सिंह ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित भाईपुर खुर्द, नूरनपुर, चंद्रताली का भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर संबंधित अधिकारियों से तत्काल सर्वे कराकर लोगों को राहत प्रदान करने का निर्देश दिया। चुनार विधायक ने कहा कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ से डूबकर बर्बाद हुई हैं। मकान जमींदोज हुए हैं क्षेत्रीय लेखपाल से सर्वे कराकर सरकार द्वारा उचित क्षतिपूर्ति दिलाया जाएगा। विधायक के साथ आलोक सिंह, सहित दर्जनों ग्रामीण व भाजपा जन मौजूद रहे।